बगरू स्कूल विवाद: सीजेपी और ग्रामीणों की झड़प, दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
जयपुर के बगरू क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर सीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला झड़प और पत्थरबाजी तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाते हुए शिवदासपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे सीजेपी कार्यकर्ता
सीजेपी के आशुतोष रांका अपने कार्यकर्ताओं के साथ रामपुरा-कंवरपुरा गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूल पहुंचे थे। उनका उद्देश्य स्कूल की स्थिति और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेना था। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों से कहासुनी हो गई और देखते ही देखते मामला तनावपूर्ण हो गया। सीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें खदेड़ा गया और पत्थर बरसाए गए। वहीं, ग्रामीणों ने भी सीजेपी कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप लगाया है।
दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
घटना के बाद दोनों पक्ष शिवदासपुरा थाने पहुंचे और अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराई। सीजेपी कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों पर मारपीट और पत्थरबाजी का आरोप लगाया, जबकि ग्रामीणों ने सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया। पुलिस अब दोनों शिकायतों, मौके की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
विवाद ने लिया राजनीतिक रंग
इस घटना ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट के पीछे बीजेपी का हाथ है। वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर विधायक रविंद्र सिंह भाटी और मंत्री जवाहर सिंह बेढम के बयान भी सामने आए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
शिवदासपुरा पुलिस कर रही है जांच
शिवदासपुरा पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि शांति और संवाद ही समाज की मजबूती की नींव हैं। जब विवादों को बातचीत से सुलझाने की बजाय हिंसा का रास्ता अपनाया जाता है, तो नुकसान सभी को उठाना पड़ता है। उम्मीद है कि पुलिस जांच निष्पक्ष होगी और सच्चाई सामने आएगी।