बाबरी मस्जिद विवाद के बाद हुमायूं कबीर का नया कदम, तमिलनाडु और दिल्ली की यात्रा की तैयारी
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद बनाने के प्रस्ताव से चर्चा में आए आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय से मुलाकात करने जा रहे हैं। यह मुलाकात अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मुद्दे पर राजनीतिक तालमेल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
तमिलनाडु में क्या होगी चर्चा?
हुमायूं कबीर ने शनिवार को बताया कि वह छह अक्टूबर को रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के बाद तमिलनाडु जाएंगे और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के साथ अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के लिए राजनीतिक सहयोग पर बात करेंगे। कबीर ने कहा, 'मैं अपनी पार्टी को बरकरार रखते हुए उनकी पार्टी टीवीके के साथ सहयोगी के तौर पर काम करना चाहता हूं।'
दिल्ली में बीजेपी नेतृत्व से मुलाकात का उद्देश्य
तमिलनाडु के बाद हुमायूं कबीर नई दिल्ली भी जाएंगे, जहां वह भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से मिलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुलाकात का मकसद पार्टी की राज्य इकाई के खिलाफ अपनी शिकायतें रखना है। कबीर ने आरोप लगाया कि प्रदेश भाजपा उनकी पार्टी के खिलाफ राज्य प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, 'मेरा मकसद छह महीने पुरानी पार्टी के साथ मिलकर बीजेपी की नीतियों के विरुद्ध आवाज उठाना है, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के उत्पीड़न के खिलाफ।'
क्या एजेयूपी का बीजेपी में विलय होगा?
हुमायूं कबीर ने उन अटकलों को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि उनकी पार्टी बीजेपी में विलय कर सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात को इस संकेत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह मुलाकात केवल राज्य में हो रही घटनाओं से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराने के लिए है।
रेजीनगर उपचुनाव में बेटे की उम्मीदवारी
रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद चुनावी मैदान में हैं। यह उपचुनाव राज्य की राजनीति में अहम माना जा रहा है, क्योंकि यहां से नतीजे आने वाले समय में कई राजनीतिक समीकरण तय कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हुमायूं कबीर तमिलनाडु क्यों जा रहे हैं?
हुमायूं कबीर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय से मुलाकात कर अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मुद्दे पर राजनीतिक तालमेल पर चर्चा करेंगे।
क्या हुमायूं कबीर की पार्टी बीजेपी में विलय होगी?
नहीं, हुमायूं कबीर ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी का बीजेपी में विलय नहीं होगा। दिल्ली की यात्रा का उद्देश्य केवल राज्य में हो रही घटनाओं से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराना है।
रेजीनगर उपचुनाव में कौन चुनाव लड़ रहा है?
रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद चुनावी मैदान में हैं।