संजय दत्त का संदेश: देश में शांति और गांधीगिरी की वापसी की प्रार्थना
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त ने हाल ही में 'शेखर टुनाइट' शो में देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग बड़े दिल वाले और मेहमाननवाज हैं, लेकिन अब उन्हें देश में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि वे दिन जल्दी लौट आएं जब देश में शांति और भाईचारा कायम था।
गांधी जयंती पर संजय दत्त का खास संदेश
गांधी जयंती के अवसर पर शेखर सुमन के शो का यह विशेष एपिसोड यूट्यूब पर प्रसारित हुआ। संजय दत्त ने अपने मोनोलॉग में देश की शांति, नेताओं की तस्वीरों, विदेश दौरों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी जैसे मुद्दों पर व्यंग्य किया। उन्होंने महात्मा गांधी के तीन बंदरों का जिक्र करते हुए 'चौथे बंदर' की आवश्यकता बताई, जो गलत होता देखकर उसे ठीक करने की कोशिश करे।
भारत के लोगों की महानता और शांति की चिंता
संजय दत्त ने कहा, 'इस देश के लोग बहुत प्यारे हैं। यहां शांति होनी चाहिए। मुझे अब हमारे देश में वह शांति महसूस नहीं होती। हम भारतीय बड़े दिल वाले और मेहमाननवाज होते हैं। हमने बहुत कुछ दिया है, और हमें हमेशा ऐसा ही रहना चाहिए। मैं शिवजी से प्रार्थना करता हूं कि वे दिन जल्दी वापस आएं।'
पांच मिनट के प्रधानमंत्री बनने पर संजय दत्त का अंदाज
शो के अंतिम भाग में संजय दत्त को पांच मिनट के लिए भारत का प्रधानमंत्री बनने का निमंत्रण दिया गया। उन्होंने अपने 'मुन्ना भाई' अंदाज में कहा, 'चलो देश में कुछ तो चल रहा है। मेरे प्यारे देशवासियों, आज अपुन आपका पीएम बनके खूब खुश हुआ। बोले तो बॉडी में अजीब टाइप का तरंग दौड़ रे ला है। बोले तो इतना बड़ा देश है, इतने सारे लोग हैं और अब हम सबकी जिम्मेदारी अपुन के ऊपर है।'
विदेश दौरों पर व्यंग्य और देश के प्रति समर्पण
प्रधानमंत्री बनने के बाद विदेश दौरे पर जाने की बात पर संजय दत्त ने तंज कसते हुए कहा, 'लेकिन आप लोग एकदम टेंशन नहीं लेने का। अपुन इश खुशी को सेलिब्रेट करने विदेश नहीं जाने वाला है। अपुन इधरिच रहेगा, आप सब लोगों के बीच। नहीं तो पीएम और जनता में कनेक्शन कैसे बनेगा।'
गांधी जी के तीन बंदरों और चौथे बंदर की आवश्यकता
संजय दत्त ने महात्मा गांधी के तीन बंदरों का जिक्र करते हुए कहा, 'अपुन गांधी जी को बहुत मानता है। और गांधी जी के तीन बंदर सबको पता है पहला बुरा मत देखो, दूसरा बुरा मत सुनो, तीसरा बुरा मत कहो। लेकिन आज एक चौथा बंदर भी मांगता है। बुरा देखेगा तो ठीक कौन करेगा?' उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लोग गलत चीज देखकर भी अपनी आंखें, कान और मुंह बंद करके बैठे रहेंगे, तो देश कैसे चलेगा।
नेताओं की तस्वीरों पर व्यंग्य और गांधी जी के विचारों की प्राथमिकता
संजय दत्त ने सार्वजनिक और सरकारी स्थानों पर नेताओं की तस्वीरों के इस्तेमाल पर व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वह जहां-जहां अपनी तस्वीर लगी है, उसे कम करेंगे। उन्होंने कहा, 'जहां अपना फोटो लगाने का मन करेगा ना, वहां गांधी जी का फोटो लगाने का। बोले तो गांधी जी के विचार देखना ज्यादा जरूरी है। अपुन का फोटो देख के जनता क्या करेगा?' उन्होंने आगे कहा, 'बोले तो अपना फोटो तो अपुन बाद में भी खिंचवा सकता है ना, लेकिन देश को पहले फ्रेम में लगाने का।'
'ट्रंप मामू' को गांधीगिरी की सीख
अंतरराष्ट्रीय राजनीति का रुख करते हुए संजय दत्त ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'ट्रंप मामू' कहा। उन्होंने कहा, 'अपुन देख रहा है कि ट्रंप मामू पूरी दुनिया को फ्रेम से बाहर करने लगा है।' उन्होंने ट्रंप को गांधीगिरी की सीख देते हुए कहा, 'शांति बनता है प्यार से और प्यार आता है गांधीगिरी से। बोले तो ट्रंप मामू को थोड़ा गांधीगिरी सिखाना पड़ेगा।'
मिसाइल से पहले गुलदस्ता भेजने की सीख
दुनिया में बढ़ते तनाव और टकराव पर तंज कसते हुए संजय दत्त ने कहा, 'देखो ट्रंप मामू, ज्यादा तनाव नहीं पालने का। दुनिया में मिसाइल वैसे ही बहुत हो गया है। अब थोड़ा प्यार भी एक्सपोर्ट करने का। कहीं मिसाइल भेजने का मन करे तो पहले गुलदस्ता भेजने का। किसी को धमकी देने का मन न करे तो फोन करके घर बुलाने का और चाय पीते-पीते बात सुलझने का।'
'अपुन आ रेला है अमेरिका' और 'लगे रहो मुन्ना भाई' की याद
संजय दत्त ने अपने इस पूरे सेगमेंट का अंत भी 'मुन्ना भाई' के अंदाज में किया। ट्रंप को गांधीगिरी सिखाने की बात कहने के बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, 'अपुन आ रेला है अमेरिका, तुमको जादू की झप्पी देने।' यह पूरा मोनोलॉग उनकी 2006 में रिलीज हुई राजकुमार हिरानी की फिल्म 'लगे रहो मुन्ना भाई' की याद दिलाता है, जिसमें मुन्ना भाई महात्मा गांधी के विचारों को समझने के बाद रोजमर्रा की जिंदगी में 'गांधीगिरी' को अपनाता है।
दर्शकों का भरपूर प्यार और व्यूज का रिकॉर्ड
संजय दत्त का यह मजेदार सेगमेंट दर्शकों को काफी पसंद आया। गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुए इस खास एपिसोड को 24 घंटों के अंदर 8 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। यह दर्शाता है कि संजय दत्त का 'मुन्ना भाई' वाला अंदाज और उनका राजनीतिक व्यंग्य दर्शकों का ध्यान खींचने में कामयाब रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संजय दत्त ने देश की स्थिति पर क्या कहा?
संजय दत्त ने कहा कि भारत के लोग बड़े दिल वाले और मेहमाननवाज हैं, लेकिन अब उन्हें देश में पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि वे दिन जल्दी लौट आएं।
संजय दत्त ने गांधी जी के तीन बंदरों के बारे में क्या कहा?
संजय दत्त ने कहा कि आज के समय में एक चौथे बंदर की भी आवश्यकता है, जो गलत होता देखकर उसे ठीक करने की कोशिश करे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लोग गलत चीज देखकर भी अपनी आंखें, कान और मुंह बंद करके बैठे रहेंगे, तो देश कैसे चलेगा।
संजय दत्त ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को क्या सीख दी?
संजय दत्त ने ट्रंप को गांधीगिरी की सीख देते हुए कहा कि दुनिया में शांति प्यार से आएगी और प्यार आता है गांधीगिरी से। उन्होंने मिसाइल भेजने से पहले गुलदस्ता भेजने की बात कही।
संजय दत्त के इस सेगमेंट को कितने व्यूज मिले?
गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुए इस खास एपिसोड को 24 घंटों के अंदर 8 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।