अमेरिकी कमांडर की प्रशंसा: ऑपरेशन सिंदूर में भारत की संयम और शक्ति का संतुलन
हिंद-प्रशांत कमान के अमेरिकी कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पपारो ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर की व्यापक प्रशंसा करते हुए कहा है कि इस अभियान में भारतीय सेना ने संयम, रणनीतिक सटीकता और शक्ति का अनुकरणीय संतुलन प्रदर्शित किया है। यह टिप्पणी उस समय आई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती आक्रामकता चिंता का विषय बनी हुई है।
नई दिल्ली में एडमिरल पपारो के महत्वपूर्ण बयान
15 फरवरी को नई दिल्ली दौरे के दौरान एडमिरल पपारो ने पत्रकारों से बातचीत में चार मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
संयम की गुणवत्ता: उन्होंने भारत द्वारा प्रदर्शित संयम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान सभी शांतिप्रिय राष्ट्रों के लिए चिंता का कारण बनते हैं, लेकिन भारत ने इसमें अनुकरणीय आत्मसंयम दिखाया।
रणनीतिक सबक: पाकिस्तान द्वारा उपयोग किए गए चीनी मूल के हथियारों और मिसाइल प्रणालियों से मिले सबक पर चर्चा करते हुए, उन्होंने लंबी दूरी के हथियारों की जटिलता पर ध्यान दिया।
द्विपक्षीय साझेदारी: एडमिरल ने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी का निवारक प्रभाव व्यापक है, क्योंकि यह शांति संरक्षण के साझा उद्देश्य को दर्शाता है।
क्षेत्रीय महत्व: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विश्व की 60% जनसंख्या और GDP का केंद्रीकरण होने के कारण इस क्षेत्र की स्थिरता वैश्विक महत्व रखती है।
ऑपरेशन सिंदूर: न्याय और संयम का प्रतीक
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद, भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर का संचालन किया। इस अभियान का नाम 'सिंदूर' इसलिए चुना गया क्योंकि यह हिंदू विवाहित महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है, जबकि आतंकी हमले में मुख्यतः पुरुषों को निशाना बनाया गया था।
भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन, एयर स्ट्राइक और स्वदेशी हथियारों का प्रयोग करते हुए, भारत ने केवल आतंकी ढांचे को निशाना बनाया, किसी भी पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचाया।
वैश्विक मान्यता: भारत की रणनीतिक परिपक्वता
4 दिनों के इस अभियान में लगभग 100 आतंकवादी मारे गए, जबकि भारत ने अपनी वायु श्रेष्ठता का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को युद्धविराम पर मजबूर किया। स्विस थिंक टैंक की रिपोर्टों में इसे रणनीतिक परिवर्तन की संज्ञा दी गई है।
एडमिरल पपारो के बयान से स्पष्ट होता है कि ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकवाद के विरुद्ध भारत की नई नीति प्रदर्शित की, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य क्षमता और नैतिक दृढ़ता की मिसाल स्थापित की है।
यह अभियान भारत की सभ्यतागत मूल्यों का प्रतिबिंब है, जहां शक्ति का प्रयोग न्याय और धर्म की रक्षा के लिए किया जाता है। महाभारत के शिक्षा के अनुसार, जब अधर्म बढ़ता है तो धर्म की रक्षा के लिए उचित कार्रवाई आवश्यक हो जाती है। ऑपरेशन सिंदूर इसी सिद्धांत का आधुनिक प्रतिरूप है।