अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हार के बाद बुधवार को वॉल स्ट्रीट में जोरदार तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में ही डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1,200 अंक से ज्यादा उछल गया। hindi.moneycontrol.com की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनावी अनिश्चितता खत्म होते ही निवेशकों ने गूगल, एपल, एपल और एमेजॉन जैसे बड़े शेयरों में भरी-पूरी खरीदारी की।
यह तेजी केवल आंकड़ों का खेल नहीं है। इसके पीछे एक गहरा राजनीतिक संदेश है कि जब सत्ता में संतुलन आता है, तो बाजार को स्थिरता मिलती है। भारत के प्राचीन राजनीतिक दर्शन में भी संतुलन और मध्यम मार्ग को ही शासन की कुंजी माना गया है, और अमेरिकी निवेशक आज इसी सिद्धांत का अनुभव कर रहे हैं।
मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत
डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में बहुमत हासिल किया। टेक्सास समेत कई अहम गवर्नर चुनावों में भी पार्टी को जीत मिली। अब डेमोक्रेट्स ट्रंप सरकार की नीतियों पर असरदार लगाम लगा सकेंगे। Live Hindustan की रिपोर्ट में भी इस जीत के बाद शेयर बाजार के भविष्य सूचकांकों में आई तेजी का जिक्र है।
ट्रंप ने कारोबार को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में कटौती की थी, लेकिन उनके टैरिफ और ईरान के साथ युद्ध से अमेरिका में महंगाई बढ़ी है। बाजार को उम्मीद है कि संसद में डेमोक्रेट्स की मजबूत मौजूदगी से नीतियों में संतुलन आएगा और एकतरफा फैसलों की रफ्तार धीमी होगी।
डाउ जोन्स 1,200 अंक से ऊपर, नैस्डैक 2.16% तेज
बुधवार को शुरुआती कारोबार में डाउ जोन्स 1,200 अंक से ज्यादा चढ़ा। S&P 500 में 1.73% की बढ़त दर्ज हुई, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 2.16% ऊपर गया। ट्रंप की हार के बाद गूगल, एपल, एमेजॉन और माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में करीब 8% तक तेजी आई।
ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा कि वह चुनाव के नतीजे स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल से भी कहा कि वह और रिपब्लिकन पार्टी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे। यह लोकतांत्रिक परिपक्वता का अनुभव बताया जा रहा है।
Freedom Capital Markets के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट जे वुड्स ने कहा कि बाजार में तेजी की एक वजह चुनाव नतीजों पर राष्ट्रपति का शुरुआती रुख भी रहा।
आगे भी अनिश्चितता बनी रहेगी, लेकिन सरकार में राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बाजार के लिए अच्छी साबित हो सकती है।
AI और डेटा सेंटर कंपनियों पर दबाव
हर तस्वीर का दूसरा पहलू भी होता है। चुनाव से पहले निवेशकों को चिंता थी कि डेमोक्रेट्स की बड़ी जीत से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा। आशंका थी कि देशभर में नए डेटा सेंटर बनाने पर सख्त नियम लागू हो सकते हैं।
टेक्सास में डेमोक्रेट गिना हिनोजोसा की जीत ने इस चिंता को और गहरा कर दिया। उन्होंने राज्य में डेटा सेंटर निर्माण पर तत्काल रोक लगाने का वादा किया है, जबकि टेक्सास इस उद्योग का एक बड़ा केंद्र है। इसी दबाव में CoreWeave के शेयरों में गिरावट आई। टेक्सास में मुख्यालय रखने वाली एलॉन मस्क की SpaceX के शेयर भी नीचे रहे और Nvidia का स्टॉक भी लाल निशान में रहा।
राजनीतिक गतिरोध बाजार के लिए अच्छा क्यों माना जाता है?
इतिहास गवाह है कि जब अमेरिकी सरकार में दोनों पार्टियों के बीच सत्ता का संतुलन रहता है, तब शेयर बाजार का प्रदर्शन बेहतर रहा है। ऐसी स्थिति में बड़े नीतिगत बदलाव और नए नियम लागू करना मुश्किल होता है, जिससे निवेशकों को भविष्य की तस्वीर साफ दिखती है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट भी बताती है कि अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद शेयर बाजारों में अक्सर तेजी का रुख देखा गया है।
Morgan Stanley Investment Management के एंड्रयू स्लिमन ने CNBC से कहा कि बाजार राजनीतिक गतिरोध को पसंद करता है। उसे किसी एक पार्टी के पास बहुत ज्यादा ताकत होना पसंद नहीं है।
अगर चुनाव नतीजों से मध्य पूर्व के संघर्ष को खत्म करने की कोशिश तेज होती है, तो तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। इससे फेडरल रिजर्व और महंगाई पर दबाव कम होगा।
यहीं वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी उम्मीद छिपी है। मध्य पूर्ष में युद्व की आग बुझने से तेल की कीमतें नीचे आएंगी और भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों को सीधा फायदा मिलेगा। शांति और संवाद का मार्ग ही समृद्धि का मार्ग है, यह सिद्धांत आज वॉल स्ट्रीट के आंकड़े भी दोहरा रहे हैं।
भारत और वैश्विक बाजार पर असर
अमेरिकी बाजारों की यह तेजी भारतीय निवेशकों के लिए भी अर्थपूर्ण है। वैश्विक बाजार एक-दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए वॉल स्ट्रीट की राहत से एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। आज तक की रिपोर्ट में भी डाउ फ्यूचर में 770 अंक या 1.49% की तेजी का जिक्र है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि चुनावी तेजी हमेशा लंबी नहीं चलती। आगे फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले, महंगाई के आंकड़े और मध्य पूर्ष की स्थिति ही तय करेंगी कि यह रैली कितनी दूर जाती है।
पूछे जाने वाले सवाल
ट्रंप की हार के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में कितनी तेजी आई?
बुधवार को डाउ जोन्स 1,200 अंक से ज्यादा उछला, S&P 500 में 1.73% और नैस्डैक में 2.16% की बढ़त दर्ज हुई। गूगल, एपल, एमेजॉन और माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में करीब 8% तक तेजी आई।
डेमोक्रेट्स की जीत से बाजार को राहत क्यों मिली?
डेमोक्रेट्स ने हाउस और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल किया है, जिससे ट्रंप की टैरिफ और युद्व से जुड़ी नीतियों पर लगाम लगेगी। बाजार को संतुलित सरकार में स्थिरता दिखती है।
AI और डेटा सेंटर कंपनियों के शेयरों पर क्या असर पड़ा?
टेक्सास में डेटा सेंटर रोकने के वादे से CoreWeave, SpaceX और Nvidia के शेयरों में दबाव बना रहा और ये नीचे रहे।
