सोने की कीमतों में तेजी: दिल्ली सराफा बाजार में 24 कैरेट गोल्ड 1,56,800 रुपये पर, चांदी स्थिर
नई दिल्ली। कमजोर अमेरिकी डॉलर और मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में सोमवार को सोना 600 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले 24 कैरेट गोल्ड का भाव 1,56,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पिछले सत्र में 1,56,200 रुपये पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह लगातार दूसरे सत्र में 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बनी रही।
MCX और कॉमेक्स पर ताजा दरें क्या हैं?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1649 रुपये महंगा होकर 1,56,156 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले सत्र में यह 1,54,506 रुपये पर बंद हुआ था। चांदी में 2776 रुपये की बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव 2,38,700 रुपये प्रति किलो हो गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी देखी गई। हाजिर सोना करीब एक प्रतिशत उछलकर 4481 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.90 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 66 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार करती दिखी।
कीमतों में उछाल पर विशेषज्ञों की राय
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावना कम होने और डॉलर के कमजोर पड़ने से सोने को बड़ा सपोर्ट मिला है। पिछले हफ्ते आए नरम महंगाई आंकड़ों, कमजोर रोजगार और रिटेल बिक्री के आंकड़ों ने डॉलर पर दबाव बनाए रखा, जिससे सराफा मांग में सुधार हुआ।
अमेरिका-ईरान सीजफायर की समयसीमा समाप्त
मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी हेड प्रवीण सिंह का कहना है कि डॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल के सीमित दायरों के कारण स्पॉट गोल्ड 4450 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा है और इसका सकारात्मक रुझान जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर 2018 से लागू 2,200 प्रतिबंधों के अलावा तेहरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी समेत और भी आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, 60 दिनों के अमेरिका-ईरान सहमति पत्र सीजफायर की मियाद भी सोमवार को समाप्त हो रही है।
सोने-चांदी में तेजी जारी रह सकती है
कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च एवीपी कायनात चैनवाला के मुताबिक, जुलाई के नरम आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा साल के अंत तक ब्याज दरें स्थिर रखने की उम्मीदों को मजबूत किया है। सितंबर और दिसंबर बैठकों में दरों पर रोक लगने की संभावना बढ़ गई है।
चैनवाला ने आगाह किया कि दरों पर रोक से सोने-चांदी में तेजी जारी रह सकती है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने पर महंगाई की चिंताएं इस तेजी पर ब्रेक भी लगा सकती हैं।
भारतीय परंपरा में स्वर्ण को केवल निवेश का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना गया है। वर्तमान वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच यह तेजी दर्शाती है कि अनिश्चितता के समय में भी भारतीय निवेशकों का विश्वास इस धातु पर अटूट है।
Photo: दैनिक जागरण (Dainik Jagran)