श्रीलंका का नया 'सुपरमैन': सोनल दिनुशा ने भारत के खिलाफ दो टेस्ट में ठोके तीन शतक
कोलंबो। क्रिकेट के मैदान में कभी-कभी ऐसे नायक उभरते हैं जो अपनी अदम्य भावना से खेल की परिभाषा ही बदल देते हैं। श्रीलंका के 25 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने भारत के विरुद्ध दो मैचों की टेस्ट सीरीज में चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक लगाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी धमक पंजीकृत करा दी है। यह प्रदर्शन उन्होंने छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए किया, जहां अधिकतर बल्लेबाजों को निचले क्रम के साथ संघर्ष करना पड़ता है।
धैर्य और संयम की अद्भुत मिसाल
गॉल में एक शतक और एक अर्धशतक के बाद कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब स्टेडियम में दिनुशा ने दोनों पारियों में शतक जड़े। दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 133 रन बनाए, जो उनका सर्वश्रेष्ठ टेस्ट स्कोर है। इस दौरान उन्होंने 426 गेंदों का सामना किया और भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। यह उपलब्धि और भी खास है क्योंकि उनकी टीम को फॉलोऑन खेलना पड़ा था।
भारतीय स्पिनरों के सामने अटूट धैर्य
भारतीय स्पिनरों ने कई रणनीतियां आजमाईं, लेकिन दिनुशा ने स्वीप और रिवर्स स्वीप खेलना नहीं छोड़ा। उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों को भी आसानी से स्वीप किया। पूरे मैच में उन्होंने ड्राइव लगाने की कोशिश नहीं की, बल्कि अपने रक्षात्मक खेल पर भरोसा किया। यह उनकी परिपक्वता और खेल की गहरी समझ को दर्शाता है।
एक खास क्लब में शामिल
इस सीरीज में दिनुशा ने 139.66 के औसत से 419 रन बनाए। पांच टेस्ट मैचों में उनका कुल औसत 86.57 और कुल रन 606 हो गए हैं। सीरीज से पहले उन्होंने कोई टेस्ट शतक नहीं लगाया था। इस प्रदर्शन के साथ वह भारत के विजय हजारे और जिम्बाब्वे के एंडी फ्लावर की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने फॉलोऑन के बाद दोनों पारियों में शतक बनाए।
कुल 1139 मिनट तक क्रीज पर
दिनुशा ने पूरी सीरीज में 1139 मिनट और 722 गेंदों तक बल्लेबाजी की। भले ही प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार देवदत्त पडिक्कल को मिला, लेकिन दिनुशा का यह प्रदर्शन क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में लंबे समय तक याद रहेगा। उनकी बल्लेबाजी में एक स्वाभाविक ठहराव है, जो महान खिलाड़ियों की पहचान होती है।
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