योगी सरकार का खेल क्रांति: हर तहसील में मिनी स्टेडियम, हर जिले में एक खेल
उत्तर प्रदेश सरकार खेल संस्कृति को गांव से लेकर विद्यालयों तक मजबूत करने की दिशा में एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही है। यह योजना न केवल युवाओं को शारीरिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि उनमें अनुशासन, टीम भावना और राष्ट्रीय गौरव की भावना भी जगाएगी।
एक जनपद-एक खेल: स्थानीय प्रतिभा को निखारने की पहल
प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'एक जनपद-एक खेल' योजना लागू की गई है। इसके तहत प्रत्येक जिले में स्थानीय संभावनाओं और रुचि के अनुसार एक प्रमुख खेल का चयन किया जाएगा। उसी खेल के लिए प्रशिक्षण, कोचिंग और आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मिनी स्टेडियम: गांव-गांव तक खेल की पहुंच
हर तहसील में मिनी स्टेडियम बनाने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक 50 से अधिक मिनी स्टेडियम तैयार हो चुके हैं, जबकि शेष पर निर्माण कार्य जारी है। खेल राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव के अनुसार, हर विकासखंड स्तर पर तीन से पांच एकड़ क्षेत्र में ये मिनी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। युवा कल्याण विभाग ग्राम पंचायत स्तर पर भी खेल मैदान विकसित कर रहा है।
स्कूलों में खेल संस्कृति: 'खेलें भी, खिलें भी' अभियान
परिषदीय विद्यालयों में 'खेलें भी, खिलें भी' अभियान के तहत स्पोर्ट्स क्लब बनाए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने लखनऊ समेत प्रदेश के 1,565 पीएमश्री विद्यालयों को खेल सामग्री खरीदने के लिए 7.82 करोड़ रुपये जारी किए हैं। प्रत्येक विद्यालय को 50-50 हजार रुपये मिलेंगे, जिससे क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी, वॉलीबाल, हैंडबाल, टेबल टेनिस, कैरम और शतरंज जैसे खेलों की सामग्री खरीदी जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग 'स्पोर्ट्स फॉर स्कूल' कार्यक्रम के तहत सभी विद्यार्थियों को खेलों और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दे रहा है। इसमें प्रशिक्षकों की उपलब्धता, नियमित प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं का विस्तार, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उच्च प्रदर्शन केंद्र और उत्कृष्टता केंद्र: खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण
खेल नीति के तहत अब स्पोर्ट्स कॉलेजों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ी सीधे खेल प्रशिक्षक बन सकेंगे। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की तर्ज पर उत्तर प्रदेश राज्य खेल प्राधिकरण का गठन किया गया है। प्राथमिकता वाले खेलों के लिए पांच हाई-परफॉर्मेंस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि पीपीपी मॉडल पर 14 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। यहां आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ कोचिंग उपलब्ध होगी।
लखनऊ के स्टेडियमों का नवीनीकरण
खेल सचिव एलवाई सुहास ने बताया कि लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बैडमिंटन हॉल के नवीनीकरण के लिए 1.85 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं, चौक स्टेडियम में बैडमिंटन हॉल और बास्केटबॉल कोर्ट के नवीनीकरण व जिम हॉल और बास्केटबॉल सुविधाओं के निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये की परियोजना में से तीन करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
FAQ: योगी सरकार की खेल योजना के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या हर जिले में एक खेल अनिवार्य है?
हां, 'एक जनपद-एक खेल' योजना के तहत प्रत्येक जिले में स्थानीय संभावनाओं के अनुसार एक प्रमुख खेल का चयन किया जाएगा, जिसके लिए विशेष प्रशिक्षण और सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मिनी स्टेडियम कहां-कहां बनाए जा रहे हैं?
प्रत्येक विकासखंड स्तर पर तीन से पांच एकड़ क्षेत्र में मिनी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। अब तक 50 से अधिक तैयार हो चुके हैं।
स्कूलों में खेलों के लिए कितना बजट जारी किया गया है?
बेसिक शिक्षा विभाग ने 1,565 पीएमश्री विद्यालयों को खेल सामग्री के लिए 7.82 करोड़ रुपये जारी किए हैं, प्रत्येक को 50,000 रुपये।
उच्च प्रदर्शन केंद्रों का क्या उद्देश्य है?
ये केंद्र खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ कोचिंग प्रदान करेंगे, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।