एयर इंडिया का संकट: टाटा और सिंगापुर एयरलाइंस से 1.5 अरब डॉलर की मदद मांगी
नई दिल्ली। भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन एयर इंडिया ने अपने मालिकों टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से करीब 1.5 अरब डॉलर (लगभग 12,600 करोड़ रुपये) की नई इक्विटी मांगी है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब एयरलाइन को पिछले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड घाटा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, यह राशि किश्तों में मिलने की संभावना है, और बातचीत अभी जारी है।
एयर इंडिया को कितना नुकसान हुआ है?
मार्च 2026 में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में एयर इंडिया और उसकी बजट सहयोगी एयर इंडिया एक्सप्रेस को कुल मिलाकर 2.33 अरब डॉलर का घाटा हुआ है। यह पिछले साल के नुकसान से दोगुने से भी अधिक है। इस घाटे का असर सिंगापुर एयरलाइंस के मुनाफे पर भी पड़ा है, जिसके पास एयर इंडिया में लगभग 25% हिस्सेदारी है।
टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस की भूमिका
टाटा संस ने 2022 में सरकारी स्वामित्व वाली एयर इंडिया का नियंत्रण संभाला था। तब से यह एयरलाइन के पुनरुद्धार में जुटे हैं। सिंगापुर एयरलाइंस ने कहा है कि वह एयर इंडिया के परिवर्तन कार्यक्रम में टाटा संस के साथ मिलकर काम कर रही है, लेकिन वित्तीय मामलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
एयर इंडिया के सामने क्या चुनौतियाँ हैं?
एयर इंडिया को कई बाहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद किए जाने से अंतरराष्ट्रीय मार्ग प्रभावित हुए हैं। ईरान में अमेरिका-इज़राइल संघर्ष के कारण भी उड़ानों में रुकावट आई है। पिछले साल एक दुर्घटना में 260 लोगों की मौत के बाद एयरलाइन को कानूनी और प्रतिष्ठा संबंधी परिणामों का सामना करना पड़ रहा है।
टाटा संस के अध्यक्ष का इस्तीफा और एयर इंडिया का भविष्य
टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन फरवरी में पद छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उनके और टाटा ट्रस्ट के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं, जिनमें एयर इंडिया का घाटा भी शामिल है। चंद्रशेखरन ने कहा है कि एयर इंडिया को पूरी तरह उबरने में एक दशक लग सकता है। एयरलाइन ने एयरबस और बोइंग से ऑर्डर किए गए सैकड़ों जेट की डिलीवरी टालने की भी मांग की है।
क्या एयर इंडिया को और पैसे की जरूरत होगी?
सूत्रों के अनुसार, आने वाले वर्षों में एयर इंडिया को और पूंजी की आवश्यकता हो सकती है। यह मांग एयरलाइन के पुराने बेड़े के आधुनिकीकरण और परिचालन सुधार के लिए जरूरी है। भारतीय विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बीच एयर इंडिया का यह पुनरुद्धार प्रयास देश की आर्थिक ताकत और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एयर इंडिया ने कितनी राशि मांगी है?
एयर इंडिया ने टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से लगभग 1.5 अरब डॉलर की नई इक्विटी मांगी है।
एयर इंडिया को घाटा क्यों हुआ?
पिछले वित्त वर्ष में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को कुल 2.33 अरब डॉलर का घाटा हुआ, जो पिछले साल के घाटे से दोगुना से अधिक है।
एयर इंडिया के पुनरुद्धार में कितना समय लग सकता है?
टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन के अनुसार, एयर इंडिया को पूरी तरह उबरने में एक दशक तक का समय लग सकता है।