जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: मुख्यमंत्री उमर ने मृतकों के परिजनों को 6 लाख रुपये देने का ऐलान
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलधार बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी है। जनजीवन अस्त-व्यस्त है और कई क्षेत्रों में सड़क, पेयजल व अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित हुई हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नुकसान का तत्काल आकलन कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने तथा सभी आपातकालीन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का तत्काल राहत कार्य
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने समीक्षा बैठक के बाद कहा कि प्रशासन खराब मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने डोडा जिले में दो लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाई जाए तथा आवासीय मकानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन तत्काल पूरा किया जाए, ताकि मुआवजा, मरम्मत और पुनर्वास की प्रक्रिया बिना किसी विलंब के शुरू की जा सके।
राहत राशि और सहायता का ऐलान
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राजौरी और पुंछ जिलों में फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और अन्य वर्षा संबंधी घटनाओं में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। इस सहायता में चार लाख रुपये राज्य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) तथा दो लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आर्थिक सहायता से अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।
बचाव और पुनर्वास में तेजी
मनोज सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं तथा सभी आपातकालीन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि पुंछ, राजौरी, रियासी और उधमपुर के प्रमुख मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाओं की बहाली युद्धस्तर पर जारी है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और पुनर्स्थापन कार्य लगातार जारी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जम्मू-कश्मीर में बारिश से कितने लोगों की मौत हुई?
डोडा जिले में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी नुकसान की खबरें हैं।
मृतकों के परिजनों को कितनी सहायता राशि दी जा रही है?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रति मृतक छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।
राहत कार्यों में कौन सी एजेंसियां लगी हैं?
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।