राजौरी में 300 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दो की मौत, चार घायल
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में रविवार को एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। यह घटना कोटरंका के कंडी-मोहड़ा इलाके में उस समय हुई जब एक इको वाहन सड़क से फिसलकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, पंजीकरण संख्या जेके 11 डी-7667 वाला ईको वाहन कंडी से मोहड़ा की ओर जा रहा था। इसी दौरान चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और देखते ही देखते वाहन गहरी खाई में जा गिरा। प्रारंभिक जानकारी में हादसे का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
बचाव कार्य और अस्पताल में भर्ती
स्थानीय लोगों और बचाव दलों ने काफी मशक्कत के बाद वाहन में सवार सभी छह लोगों को खाई से बाहर निकाला। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कांडी पहुंचाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) राजौरी रेफर किया गया।
दो की मौत की पुष्टि
जीएमसी राजौरी पहुंचने पर चिकित्सकों ने दो घायलों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान खादिम हुसैन (उम्र करीब 29 वर्ष, निवासी धार साकरी) और शमीम अख्तर (उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी रेहान) के रूप में हुई है। दोनों की मौत की खबर से परिवारों में मातम छा गया।
घायलों की हालत और उपचार
हादसे में घायल चार लोगों की पहचान नजीर हुसैन (55 वर्ष), इबरार अहमद, इम्तियाज अहमद और मुहम्मद शकील (22 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी घायलों को जीएमसी राजौरी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
एलजी मनोज सिन्हा ने जताया दुख
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, 'राजौरी में हुए दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में हुई जानमाल की हानि से अत्यंत व्यथित हूं। मेरी गहरी संवेदनाएं मृतक के परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार के अलावा कोई अन्य कारण भी था या नहीं। घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने उठाई सड़क सुरक्षा की मांग
इस दर्दनाक हादसे ने पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की गंभीर चिंता को उजागर किया है। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय मजबूत करने की मांग की है। साथ ही, वाहन चालकों से पहाड़ी सड़कों पर गति सीमा का पालन करने और विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। धैर्य, सतर्कता और नियमों का पालन ही जीवन की रक्षा का सबसे सरल मार्ग है।