पूर्णिया जीएमसीएच: बिहार का पहला एमएनसीयू सुविधा केंद्र
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए, पूर्णिया का राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) बिहार का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है जहां एमएनसीयू (मैटरनल न्यूबोर्न केयर यूनिट) की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का शुभारंभ
बुधवार को प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने इस अत्याधुनिक एमएनसीयू का फीता काटकर उदघाटन किया। इस विशेष इकाई में कमजोर नवजात शिशुओं और उनकी माताओं के एक साथ रहने की व्यवस्था की गई है, जो कंगारू मदर केयर तकनीक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उदघाटन समारोह में यूनिसेफ इंडिया की प्रमुख नांडे पुट्टा, जीएमसीएच के प्राचार्य प्रो डॉ हरिशंकर मिश्र और अधीक्षक डॉ संजय कुमार भी उपस्थित रहे।
समग्र स्वास्थ्य सेवा का विस्तार
इस अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त ने एक साथ कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का उदघाटन किया:
- जीविका दीदी की रसोई - नए भवन के ग्राउंड फ्लोर में स्थापित
- 20-20 बेड वाले एनआईसीयू और एमएनसीयू - आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित
- मातृ विश्रामालय - एनआईसीयू में भर्ती बच्चों की माताओं के लिए विशेष व्यवस्था
वैज्ञानिक पद्धति से उपचार
अधीक्षक डॉ संजय कुमार ने बताया कि एमएनसीयू में कंगारू मदर तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। इस पद्धति में उन बच्चों को, जिन्हें इन्क्यूबेटर से बाहर रखना संभव है, उनकी माता के शारीरिक संपर्क में रखा जाता है। यह तकनीक बच्चों में तेजी से स्वास्थ्य लाभ पहुंचाती है और माताओं को स्तनपान कराने में सहायक होती है।
राष्ट्रीय स्तर की सुविधा
प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, "यहां एमएनसीयू में जो व्यवस्था की गई है वह राष्ट्रीय स्तर की है और यह खुशी की बात है कि बिहार में जितने भी मेडिकल कॉलेज हैं, उसमें यह मात्र पहला अस्पताल है जहां यह सुविधा शुरू की गई है।"
निरंतर निगरानी और सुधार
आयुक्त ने आश्वासन दिया कि इस सुविधा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। समय-समय पर यहां की जांच की जाएगी और मरीजों की समस्याओं को सुना जाएगा।
मातृ विश्रामालय में माताओं के बैठने, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बच्चों की देखभाल के लिए आवश्यक जानकारियां टीवी और पोस्टर कार्ड्स के माध्यम से प्रदर्शित की गई हैं।