ईरान का प्रतिशोध: डिमोना न्यूक्लियर साइट पर हमला
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अपने नतान्ज परमाणु संयंत्र पर हुए हमले का प्रतिशोध लेते हुए इजरायल के डिमोना स्थित न्यूक्लियर साइट पर बैलिस्टिक मिसाइल दागीं। यह घटना इस क्षेत्र में बढ़ते परमाणु संकट की गंभीरता को दर्शाती है।
डिमोना में विनाशकारी हमला
शनिवार को दक्षिणी इजरायल के डिमोना शहर में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल का हमला हुआ, जहां शिमोन पेरेस नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है। इस हमले में एक इमारत ढह गई और कम से कम 47 लोग घायल हो गए, जिनमें एक 10 वर्षीय बच्चा और 40 वर्षीय महिला शामिल है।
हमले की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आसपास की कई इमारतों की खिड़कियां और शीशे टूट गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मिसाइल के इमारत से टकराने और तेज धमाके की आवाज सुनाई दे रही है।
रक्षा प्रणाली की विफलता
इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने स्वीकार किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ईरानी मिसाइल को रोकने में असफल रही। सेना के अनुसार, इंटरसेप्टर मिसाइल को मार गिराने में सफल नहीं हो सके। यह इजरायल की अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली के लिए एक गंभीर चुनौती है।
अराद शहर में भी हमला
डिमोना के अलावा, ईरान ने दक्षिणी इजरायली शहर अराद पर भी मिसाइल हमला किया। इस हमले में 75 लोग घायल हो गए, जिनमें से 10 की हालत गंभीर है। चार आवासीय इमारतों को व्यापक नुकसान हुआ है और बचाव दल अभी भी लापता लोगों की तलाश में लगे हुए हैं।
नतान्ज का बदला
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इस हमले को नतान्ज परमाणु संयंत्र पर हुए इजरायली हमले का प्रतिशोध बताया है। नतान्ज ईरान का मुख्य यूरेनियम संवर्धन केंद्र है, जो तेहरान से 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है।
अंतर्राष्ट्रीय चिंता
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए ने हमले के बाद अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील की है। संस्था ने कहा कि डिमोना के नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र को कोई नुकसान नहीं हुआ है और कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ है।
यह घटना मध्य पूर्व में परमाणु सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है। दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी चुनौती बन गया है।