हिमाचल के बागवानों की सुरक्षा: मोदी सरकार की दूरदर्शी नीति
भारत की कृषि संस्कृति और किसानों की समृद्धि हमारी सभ्यता की आधारशिला है। हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम इस बात का प्रमाण हैं कि आधुनिक भारत अपनी कृषि परंपरा और किसानों की आजीविका को सर्वोपरि रखता है।
संतुलित व्यापार नीति का दर्शन
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी अपने बयान में स्पष्ट किया कि मोदी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समझौतों में भारतीय बागवानों के हितों को पूर्णतः सुरक्षित रखा है। अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ हुए व्यापारिक समझौतों में यह सुनिश्चित किया गया है कि घरेलू उत्पादकों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
न्यूनतम आयात मूल्य की रणनीति
सरकार की दूरदर्शी नीति के तहत विभिन्न देशों से आने वाले सेब पर निर्धारित न्यूनतम आयात मूल्य एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच का काम करता है:
- यूरोपीय संघ: 80 रुपये प्रति किलो न्यूनतम आयात मूल्य, लैंडेड कीमत 96 रुपये प्रति किलो
- न्यूजीलैंड: उच्च शुल्क के कारण लगभग 140 रुपये प्रति किलो की प्रीमियम श्रेणी में आयात
- अमेरिका: 80 रुपये न्यूनतम मूल्य और 25% आयात शुल्क, लैंडेड कीमत 105 रुपये प्रति किलो
आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम
भारत में सेब का कुल घरेलू उत्पादन 22 लाख मीट्रिक टन है, जबकि आयात मात्र 5.5 लाख मीट्रिक टन के आसपास है। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि देश की नीति आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और घरेलू उत्पादन को संरक्षण प्रदान करने की दिशा में है।
सेफगार्ड प्रावधानों का महत्व
केंद्र सरकार ने न्यूनतम आयात मूल्य, सीमित कोटा, मौसमी समय-सीमा और सेफगार्ड प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किया है। निर्धारित कोटे से अधिक आयात की स्थिति में शुल्क में वृद्धि का प्रावधान एक अतिरिक्त सुरक्षा तंत्र के रूप में काम करता है।
राष्ट्रीय एकता और किसान कल्याण
जयराम ठाकुर ने आश्वासन दिया कि भाजपा हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने से बचें और राष्ट्रीय हित में सहयोग करें।
यह नीति भारतीय सभ्यता के उन मूल्यों को दर्शाती है जहां सर्वजन हिताय का सिद्धांत सर्वोपरि है। आधुनिक भारत की यह दृष्टि किसानों की समृद्धि और राष्ट्रीय आर्थिक स्वावलंबन के बीच संतुलन स्थापित करती है।