राजस्थान में शीत लहर का प्रकोप: गुलाबी नगरी जयपुर में कड़ाके की सर्दी
भारत की सांस्कृतिक धरोहर राजस्थान इन दिनों प्रकृति की कठोर परीक्षा से गुजर रहा है। राजधानी जयपुर सहित पूरे प्रदेश में शीत लहर ने अपना प्रकोप दिखाया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
गुलाबी नगरी में सर्दी का सितम
राजधानी जयपुर में बुधवार की सुबह हल्की धुंध के साथ तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। दिन में अधिकतम तापमान 21 डिग्री रहने की संभावना है। प्रातःकाल के समय हल्का कोहरा भी छाया रहा, जिससे नागरिकों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ा।
प्रदेशभर में शीतलहर का प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के विभिन्न अंचलों में सर्दी के तेवर तीखे बने हुए हैं:
उत्तरी राजस्थान: श्रीगंगानगर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री, अधिकतम 19 डिग्री रहने की संभावना है। बीकानेर में 8 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
पूर्वी राजस्थान: भरतपुर, धौलपुर और अलवर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रहा। दौसा में सबसे कम 8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
मध्य राजस्थान: अजमेर में न्यूनतम 8 डिग्री, जबकि उदयपुर में भी समान तापमान रहा। चित्तौड़गढ़ में 9 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
पश्चिमी राजस्थान: रेगिस्तानी इलाकों में भी सर्दी का प्रकोप जारी है। जैसलमेर में 9 डिग्री, बाड़मेर में 11 डिग्री और जोधपुर में 11 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह शीत लहर अभी कुछ दिनों तक जारी रहेगी। आज प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहेंगे, जिससे मौसम में और भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
ढूंढाड़, मेवाड़, शेखावाटी और हाड़ौती अंचल में विशेष रूप से सर्दी के तेवर तीखे बने हुए हैं। सरहदी जिलों में भी समान स्थिति है।
जनजीवन पर प्रभाव
इस कड़ाके की सर्दी का प्रभाव आम जनजीवन पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। सुबह के समय लोग कांपते हुए नजर आ रहे हैं। धुंध और कोहरे के कारण दृश्यता भी प्रभावित हो रही है।
राजस्थान की यह प्राकृतिक चुनौती हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर जीने की शिक्षा देती है। हमारे पूर्वजों की भांति धैर्य और सहनशीलता के साथ इस कठिन समय का सामना करना आवश्यक है।