भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता: 18 वर्षों की प्रतीक्षा का फल
अठारह वर्षों की धैर्यपूर्वक वार्ता के पश्चात, भारत और यूरोपीय संघ के मध्य मुक्त व्यापार समझौता (FTA) संपन्न हुआ है। यह ऐतिहासिक क्षण भारत की आर्थिक स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार में अग्रणी भूमिका का प्रमाण है।
व्यापारिक लाभ और उपभोक्ता हित
इस समझौते के अंतर्गत यूरोपीय लक्जरी वाहनों पर आयात शुल्क 110% से घटकर मात्र 10% हो जाएगा। BMW और मर्सिडीज जैसे प्रीमियम ब्रांड अब भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुलभ होंगे। प्रीमियम मदिरा पर भी शुल्क 150% से घटकर 20% हो जाएगा।
कीमती धातुओं में उछाल
इसी दौरान, चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। एक किलोग्राम चांदी 26,859 रुपए बढ़कर 3,44,564 रुपए पर पहुंच गई है। 27 दिनों में ही यह 1.14 लाख रुपए महंगी हो गई है। सोना भी 5,000 रुपए बढ़कर 1.59 लाख रुपए प्रति तोला पहुंच गया है।
बैंकिंग क्षेत्र में व्यवधान
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों में सेवाएं प्रभावित रहीं। कर्मचारी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग कर रहे हैं।
बजट 2026-27 की तैयारी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक हलवा समारोह के साथ बजट की अंतिम तैयारियों का समापन किया। 1 फरवरी को प्रस्तुत होने वाला यह बजट पेपरलेस होगा।
राष्ट्रीय हित में संतुलित दृष्टिकोण
यह व्यापार समझौता भारत की सभ्यतागत मूल्यों और आधुनिक आर्थिक आवश्यकताओं के मध्य संतुलन का परिचायक है। यह हमारी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पश्चिमी दबाव में नहीं बल्कि राष्ट्रीय हित में लिया गया है।