अररिया में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई: सुपर हमसफर बस सर्विस पर 100 करोड़ की टैक्स चोरी का आरोप, संचालक रिमांड पर
बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में संचालित सुपर हमसफर बस सर्विस के खिलाफ आयकर विभाग की छापामारी तीसरे दिन भी जारी है। विभाग को इस बस सर्विस से जुड़े वित्तीय लेन-देन में भारी अनियमितता और सालाना सौ करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का संदेह है। इस मामले में बस सर्विस के संचालक अबसार आलम और उनके भाई असलम को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
तीसरे दिन भी जारी है छापामारी, कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही जांच
शुक्रवार सुबह करीब दस बजे आयकर विभाग की टीम सुपर हमसफर बस सर्विस के कार्यालय और संचालकों के आवास पर पहुंची। देर शाम तक अधिकारियों ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच-पड़ताल की। बुधवार को पहली छापामारी के दौरान आयकर अधिकारियों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल है। इसके चलते तीसरे दिन की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए।
संचालक और भाई पुलिस रिमांड पर, आयकर अधिकारियों ने की गहन पूछताछ
जांच के तीसरे दिन सुपर हमसफर बस सर्विस के संचालक अबसार आलम और उनके भाई असलम को स्थानीय थाना लाया गया। अनुसंधानकर्ता सब इंस्पेक्टर सुमन कुमारी की मौजूदगी में आयकर विभाग के अधिकारियों ने दोनों से कई बिंदुओं पर गहन पूछताछ की। इससे पहले बुधवार को आयकर निरीक्षक अवध किशोर साह के आवेदन पर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गुरुवार को पुलिस ने दोनों भाइयों के अलावा एक अन्य आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
किन दस्तावेजों की हो रही है जांच?
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की टीम बस सर्विस से जुड़े आय-व्यय के बही खाते, बिल बुक, बैंक स्टेटमेंट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। दस्तावेजों में दर्शाए गए लेन-देन का मिलान वास्तविक बैंक खातों और भुगतान विवरण से किया जा रहा है। साथ ही, कार्यालय में लगे कंप्यूटरों में दर्ज डेटा की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि जांच का दायरा सिर्फ सुपर हमसफर बस सर्विस तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
कर्मचारियों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ
आयकर अधिकारियों ने बस सर्विस से जुड़े कर्मचारियों को अलग-अलग कमरों में बुलाकर पूछताछ की। उनसे बिक्री, खरीद और टिकट बुकिंग से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी ली गई। विभाग को संदेह है कि बस सर्विस के माध्यम से वित्तीय लेन-देन में बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई है, जिससे सालाना सौ करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी हुई है। हालांकि, अधिकारियों ने इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी देने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि छापामारी पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
कानून के शासन का संदेश
यह कार्रवाई एक बार फिर स्थापित करती है कि देश में कानून का शासन सर्वोपरि है। चाहे कोई भी व्यक्ति या संस्था हो, कर चोरी जैसे अपराधों से आंखें नहीं मूंदी जा सकतीं। यह जांच न केवल वित्तीय अनुशासन का पाठ पढ़ाती है, बल्कि समाज में पारदर्शिता और न्याय के प्रति आस्था को भी मजबूत करती है। अशोक के धम्म की तरह, जहां सत्य और न्याय की स्थापना के लिए कठोर कदम उठाए जाते थे, वहीं आज का प्रशासन भी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है।
फोटो: दैनिक जागरण (Dainik Jagran)