कोल इंडिया के पास 70 मिलियन टन कोयला स्टॉक, बिजली घरों की आपूर्ति सुनिश्चित
कोल इंडिया लिमिटेड के पास वर्तमान में लगभग 70 मिलियन टन कोयले का भंडार उपलब्ध है, जिससे देश के बिजली घरों को कोयले की कमी नहीं होने दी जाएगी। कोयला उत्पादन और आपूर्ति में निरंतर गति बनाए रखने के लिए कंपनी की सभी अनुषंगी इकाइयों में समन्वित प्रयास जारी हैं। यह जानकारी कोल इंडिया के तकनीकी निदेशक अच्युत घटक ने धनबाद स्थित कोयला भवन में दी।
मानसून के बाद उत्पादन और आपूर्ति में तेजी
अच्युत घटक ने बताया कि मानसून अब समाप्त होने की ओर है, जिसका सकारात्मक प्रभाव कोयला उत्पादन और डिस्पैच दोनों पर दिखाई दे रहा है। उत्पादन से लेकर आपूर्ति तक की सभी गतिविधियों की हर दिन और हर शिफ्ट में निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर व्यवधान न आए। विभागीय संसाधनों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग के बेहतर उपयोग पर भी नियमित समीक्षा की जा रही है।
बीसीसीएल के प्रदर्शन की समीक्षा
तकनीकी निदेशक ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें कंपनी की विभिन्न गतिविधियों, उत्पादन-डिस्पैच की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा हुई। अच्युत घटक ने कहा कि बीसीसीएल एक मजबूत कंपनी के रूप में उभर रही है, विशेषकर कोकिंग कोल उत्पादन के क्षेत्र में उसकी टीम लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। बैठक में बीसीसीएल के तकनीकी निदेशक राजीव कुमार सिन्हा और कोल इंडिया के कार्यकारी निदेशक आनंद कुमार भी उपस्थित थे।
प्रतिदिन 22 रैक कोयले की आपूर्ति
बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि मानसून के बाद कोयला उत्पादन और डिस्पैच में गति आई है, जिसके परिणामस्वरूप प्रतिदिन 22 रैक तक कोयला भेजा जा रहा है। सितंबर माह में उत्पादन और आपूर्ति के क्षेत्र में कंपनी का प्रदर्शन और बेहतर रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र लक्ष्य से पीछे हैं, वहां तुरंत समाधान किया जा रहा है और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए कोयले का यह भंडार एक महत्वपूर्ण कदम है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों का यह प्रयास देश के विकास में योगदान दे रहा है।