इटावा में NEET Re Exam: 91% उपस्थिति, कठिन पेपर ने बढ़ाई छात्रों की चिंता
इटावा जिले के आठ केंद्रों पर रविवार को नीट (NEET) पुनः परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। भीषण गर्मी और पेपर लीक के कारण हुए रद्दीकरण की मानसिक चुनौतियों के बावजूद 91 प्रतिशत परीक्षार्थी उपस्थित रहे। हालांकि, पहले की तुलना में कठिन प्रश्न पत्र ने छात्रों की परेशानी बढ़ा दी है, जिससे सरकारी कॉलेज में प्रवेश की उनकी उम्मीदें धुंधली हो गई हैं। प्रशासन ने न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राफ (RAF) की मौजूदगी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की।
धैर्य और न्याय की परीक्षा: छात्रों पर दोहरा बोझ
हमारी सभ्यता हमेशा से धैर्य और न्याय को सर्वोच्च मानती रही है। परीक्षा प्रणाली में व्यवस्था की चूक से उत्पन्न अन्याय के कारण युवाओं को एक बार फिर तपस्या करनी पड़ी। एक बार पेपर लीक हो जाने के कारण परीक्षा निरस्त की गई थी, जिसने छात्रों के मन में गहरी चिंता पैदा की थी। रविवार को जब ये छात्र दूसरी बार परीक्षा देने पहुंचे, तो भीषण गर्मी के साथ कठिन प्रश्न पत्र ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं। अधिकांश परीक्षार्थियों का मानना था कि दोहरी परीक्षा के टेंशन ने उनकी तैयारी पर गहरा असर डाला। पहले प्रश्न पत्र के आधार पर सरकारी कॉलेज मिलने की जो उम्मीद थी, वह इस बार के कठिन सवालों के कारण काफी हद तक कम हो गई है।
सुरक्षा और पारदर्शिता के कड़े पहरे में हुई परीक्षा
व्यवस्था की खामियों को सुधारने और परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए इस बार प्रशासन ने कड़े कदम उठाए। पहली बार नीट परीक्षा में आरएएफ (RAF) की सहायता ली गई। आरएएफ के जवानों ने कड़ी सुरक्षा में प्रश्न पत्र सभी आठ केंद्रों पर पहुंचाए। इसके बाद केंद्रों से ओएमआर सीट एकत्रित कर राजकीय इंटर कॉलेज में जमा कराया गया, जहां से आरएएफ के जवान उन्हें सुरक्षित लेकर रवाना हुए।
परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार से लेकर परीक्षा कक्ष तक तीन स्थानों पर परीक्षार्थियों की सघन चेकिंग की गई। किसी भी अनावश्यक वस्तु को ले जाने की अनुमति नहीं थी। परीक्षा कक्षों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी कंट्रोल रूम से लगातार की गई। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग को रोकने के लिए केंद्रों पर जैमर भी लगाए गए।
प्रशासन का अनुशासन: अधिकारियों ने लिया जायजा
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ला और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और सीसीटीवी निगरानी का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह सहित प्रशासनिक और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
इटावा में NEET पुनः परीक्षा के आंकड़े क्या बताते हैं?
- पंजीकृत अभ्यर्थी: 3938
- उपस्थित अभ्यर्थी: 3607 (लगभग 91 प्रतिशत)
- अनुपस्थित अभ्यर्थी: 331
इटावा में NEET पुनः परीक्षा की उपस्थिति कितनी रही?
इटावा जिले में 3938 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 3607 छात्र परीक्षा में उपस्थित रहे, जो कुल पंजीकृत छात्रों का लगभग 91 प्रतिशत है। 331 अभ्यर्थी इस पुनः परीक्षा में अनुपस्थित रहे।
क्या NEET पुनः परीक्षा का प्रश्न पत्र पहले से अधिक कठिन था?
हां, इटावा के अधिकांश परीक्षार्थियों के अनुसार पुनः परीक्षा का प्रश्न पत्र पहले की तुलना में काफी कठिन था। सवालों को हल करना आसान नहीं था, जिससे छात्रों की निराशा बढ़ी और सरकारी कॉलेज में प्रवेश की उम्मीदें कम हो गईं।
परीक्षा केंद्रों पर किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था रही?
न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस बार पहली बार आरएएफ (RAF) के जवान तैनात किए गए। मुख्य द्वार से कक्ष तक तीन स्तर पर सघन चेकिंग हुई। सीसीटीवी कैमरों से कंट्रोल रूम में लगातार निगरानी रखी गई और मोबाइल फोन रोकने के लिए जैमर लगाए गए।