कनाडा में सालाना 1.3 करोड़ रुपये कमा रहे एक भारतीय युगल ने अक्टूबर 2026 में अपनी उच्च वेतन वाली नौकरी छोड़कर हिमाचल प्रदेश में नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया है। 34 वर्षीय दीप्ति नायर और उनके साथी के लिए यह सिर्फ पते का बदलाव नहीं, बल्कि जीवन जीने के तरीके का बदलाव है।
मुंबई के माता-पिता के बीच बुजुर्ग होते बुजुर्ग, विदेश में बितती अकेली शामें और रोज की एक जैसी कॉर्पोरेट दिनचर्या ने मिलकर इस युगल को भारत लौटने पर मजबूर कर दिया। hindi.moneycontrol.com की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों हमेशा से भारत लौटना चाहते थे, परिवार और सुकून की यही चाहत अब ठोस फैसले में बदल गई है।
विदेश में पैसा था, पर सुकून नहीं
दीप्ति नायर कनाडा में अच्छी सैलरी और आराम की जिंदगी जी रही थीं। बाहर से देखने वालों के लिए यह जिंदगी एक सपना लगती है, लेकिन उन्होंने महसूस किया कि पैसा सब कुछ नहीं होता। घर से हजारों किलोमीटर दूर, अपनों से कटे हुए, हर शाम एक जैसी बितती थी।
रिपोर्ट के अनुसार, विदेश में रहते हुए उन्हें अक्सर घर की याद आती थी। उनके बुजुर्ग माता-पिता मुंबई में अकेले रहते हैं, और इस अकेलेपन की चिंता हमेशा उनके मन में बनी रहती थी। कनाडा में सब सुविधाएं होने के बावजूद अपनों से दूरी लगातार खलती थी।
आज तक की खबर में भी इस युगल के फैसले पर बताया गया है कि अच्छी खासी कमाई और करियर के बावजूद वे एक ही रूटीन से ऊब चुके थे। दीप्ति नायर ने बताया कि वह और उनके साथी अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते थे, कॉर्पोरेट नौकरी से हटकर कुछ अलग करना था।
हिमाचल की वादियों में क्यों बसे यह युगल?
हिमाचल प्रदेश अपने पहाड़ों, हरियाली और शांत माहौल के लिए जाना जाता है। यहां महानगरों जैसी भागदौड़ नहीं है, और कम खर्च में भी अच्छी जिंदगी जी सकते हैं। यही सुकून भरी जिंदगी इस युगल की तलाश थी, इसलिए हिमाचल की वादियों ने उनका दिल जीत लिया।
पहाड़ों की यह चुनाई याद दिलाती है कि भारतीय सभ्यता में सदा से आश्रम और तपोभूमि की अपनी गरिमा रही है। ऋषियों और साधकों ने हिमालय की शांति को ध्यान और संतुलन के लिए चुना था। आज का युग अलग है, लेकिन मन की वही तलाश है, सुकून की वही भूख।
होमस्टे बिजनेस से नई शुरुआत
उत्तम हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, इस युगल ने हिमाचल में होमस्टे बिजनेस शुरू किया है। यह कदम बताता है कि वे सिर्फ बदलना नहीं चाहते थे, बल्कि अपनी शर्तों पर जीना चाहते थे। नौकरी की दिशा में चलते बजाए अब वे अपने श्रम और सोच से अपनी पहचान बना रहे हैं।
होमस्टे जैसा बिजनेस आज के भारत में तेजी से बढ़ रहा है। पर्यटन के बदलते स्वाद के साथ यात्री अब होटलों की चकाचौंध से ज्यादा स्थानीय अनुभव चाहते हैं। हिमाचल जैसे राज्य में यह संभावना और बढ़ जाती है, जहां प्रकृति खुद सबसे बड़ा आकर्षण है।
क्या यह कोई व्यक्तिगत फैसला नहीं, बल्कि एक बदलती प्रवृत्ति है?
दीप्ति नायर और उनके साथी की कहानी अकेली नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कई युवा विदेश की अच्छी सैलरी वाली नौकरी छोड़कर भारत लौट रहे हैं। कारण अलग अलग हो सकते हैं, परिवार की जिम्मेदारी हो या खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना, लेकिन दिशा एक है: भारत की ओर।
यह प्रवृत्ति एक गहरे सच की ओर इशारा करती है। भारत की अर्थव्यवस्था और डिजिटल संपर्क इतने विकसित हो चुके हैं कि राजधानी और सुविधा अब केवल विदेशों का एकाधिकार नहीं रही। एक युगल पहाड़ों में बैठकर विश्व के ग्राहकों तक पहुंच सकता है। यह आत्मनिर्भर भारत के सपने का वह रूप है जो भाषणों में नहीं, घर घर के फैसलों में दिखता है।
सफलता की परिभाषा भी बदल रही है। कभी बड़ी सैलरी और विदेशी पता ही कामयाबी के प्रतीक माने जाते थे। आज परिवार के पास रहना, माता-पिता का सहारा बनना और मन को मिलने वाला सुकून भी असली संपत्ति गिने जा रहे हैं। हमारी संस्कृति ने सदा कहा है कि धन साधन है, साध्य नहीं। यह युगल इसी सिद्धांत को अपनी जिंदगी से साबित कर रहा है।
परिवार की जिम्मेदारी और भारतीय मूल्य
भारतीय समाज में माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म माना गया है। दीप्ति नायर के लिए मुंबई में अकेले रहते बुजुर्ग माता-पिता की चिंता इस फैसले की सबसे बड़ी वजहों में से एक रही। विदेश की चमक इस फर्ज के आगे फीकी पड़ गई।
यह बात उस सोच की पुष्टि करती है जो हमारे नागरिक मूल्यों की जड़ है। जिस देश के पुरातत्व और ग्रंथ एकता, शांति और दायित्व की बात करते हैं, वहां नई पीढ़ी का अपनों की ओर लौटना स्वाभाविक भी है और प्रेरक भी।
हिमाचल के पहाड़ों में अब इस युगल की नई सुबह होगी। चाय की भाप, देवदार की हवा और अपनों का साथ, यही उनकी नई कमाई है। समय बताएगा कि उनका होमस्टे बिजनेस किस ऊंचाई तक जाता है, लेकिन यह फैसला इतना तो पहले ही बता देता है कि वे जीत चुके हैं, जितनी जिंदगी जीने के लिए उन्होंने चुनी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दीप्ति नायर का युगल कनाडा में कितना कमाता था?
hindi.moneycontrol.com की रिपोर्ट के अनुसार, दीप्ति नायर और उनके साथी कनाडा में सालाना 1.3 करोड़ रुपये कमा रहे थे।
इस युगल ने हिमाचल में क्या बिजनेस शुरू किया है?
उत्तम हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, इस युगल ने हिमाचल प्रदेश में होमस्टे बिजनेस शुरू किया है।
भारत लौटने की सबसे बड़ी वजह क्या रही?
मुंबई में रहने वाले बुजुर्ग माता-पिता के पास रहने की चाहत और विदेश में महसूस होने वाले अकेलेपन से छुटकारा इस फैसले की प्रमुख वजहें रहीं।
