नई दिल्ली. भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए रोमांचक टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को जीत मिली, लेकिन जीत की खुशी के बीच टीम प्रबंधन के एक फैसले पर बहस छिड़ गई है। पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को ओपनिंग के बजाय नीचे भेजने पर खुलकर सवाल उठाए हैं।
चोटिल इशान किशन की गैरमौजूदगी के बाद प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने वाले सूर्यवंशी को एशियाई खेलों के फाइनल के बाद पहली बार भारतीय जर्सी में मैदान पर उतरने का मौका मिला। 181 रनों के लक्ष्य का पीछा करती भारतीय पारी में वह सातवें ओवर आउट हुए और 8 गेंदों पर 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
मुरली कार्तिक ने क्यों उठाए सवाल
News18 India की रिपोर्ट के अनुसार, मैच के बाद चर्चा करते हुए कार्तिक ने कहा कि सूर्यवंशी आखिर किस भूमिका में सबसे अच्छे हैं, यह समझना जरूरी है।
वैभव सूर्यवंशी आखिर किस भूमिका में सबसे अच्छे हैं? वह एक ओपनर के रूप में बेहतरीन प्रदर्शन करते आए हैं। उन्होंने कभी बीच के ओवरों में ज्यादा बल्लेबाजी नहीं की है।
कार्तिक ने आगे कहा, 'वह अभी बहुत छोटे बच्चे हैं और उन्होंने अब तक केवल एक ही तरीके से बल्लेबाजी की है। इसीलिए टीम में अनुभवी खिलाड़ियों को रखा जाता है, ताकि वे अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकें। यह एक अलग बात है कि आपने मैच जीत लिया, लेकिन अगर आप सूर्यवंशी को खिला रहे थे, तो उन्हें आज पारी की शुरुआत (ओपनिंग) करनी चाहिए थी।'
दैनिक भास्कर की ओर से भी इस विवाद पर कवरेज किया गया, जिसमें बताया गया कि पूर्व क्रिकेटरों ने सूर्यवंशी को नंबर-3 पर भेजने पर सवाल उठाए और रविचंद्रन अश्विन ने भी छठे ओवर में बैटिंग करना मुश्किल बताया।
क्या यह सिर्फ एक मैच की बात है
यह विवाद किसी एक मैच तक सीमित नहीं है। यह उस बड़े सवाल का हिस्सा है जो भारतीय क्रिकेट के सामने लंबे समय से मौजूद है: युवा प्रतिभाओं का सही ढंग से संवर्धन। सम्राट अशोक के काल में भी शासक की जिम्मेदारी सिर्फ विजय नहीं, बल्कि उन लोगों के सम्मान की रक्षा करना थी जो उस विजय का हिस्सा बनते थे। खेल के मैदान में भी यही सिद्धांत लागू होता है: जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन उस जीत के लिए जिस युवा खिलाड़ी को कुर्बानी देनी पड़ती है, उसके साथ न्याय भी उतना ही जरूरी है।
सूर्यवंशी की उम्र और उनकी सीमित अंतरराष्ट्रीय अनुभवता को देखते हुए, उन्हें उस भूमिका में रखना जहां वह पूरी तरह आरामदायक हों, इस बात को लेकर कार्तिक की चिंता गंभीरता से ली जानी चाहिए। एक ओपनर के रूप में घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को अचानक मध्यक्रम में भेजना उसकी प्राकृतिक खेल शैली के विपरीत है।
अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका और विकल्प
कार्तिक का तर्क था कि भारत के पास पर्याप्त अनुभव है और सीनियर खिलाड़ियों को युवा प्रतिभाओं का समर्थन करने के लिए अपनी पोजीशन बदलने से नहीं हिचकिचाना चाहिए। उन्होंने संजू सैमसन का उदाहरण दिया, जो टीम की जरूरत के अनुसार विभिन्न नंबरों पर बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कार्तिक ने यह भी सुझाव दिया कि अगर टीम प्रबंधन सूर्यवंशी को नहीं चुनता, तो उनके विकल्प बिल्कुल अलग होते। ऐसी स्थिति में मध्यक्रम को मजबूती देने के लिए ऑलराउंडर शिवम दुबे को टीम में जगह दी जा सकती थी, जो मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं।
BJ Sports की रिपोर्ट में भी इस बिंदु पर जोर दिया गया कि सूर्यवंशी शुरुआत से आक्रामक बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं और ऐसे में उन्हें उसी भूमिका में इस्तेमाल किया जाना चाहिए था।
मैच में क्या हुआ था
सूर्यवंशी का विकेट गिरना भारत के लिए एक बड़ा झटका था। पारी के पहले 10 ओवरों के भीतर ही भारत ने अपने 3 महत्वपूर्ण विकेट खो दिए थे। हालांकि, मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ और आक्रामक रुख अपनाते हुए पारी को संभाला। तिलक वर्मा ने 26 गेंदों में नाबाद 51 रनों की पारी खेली, जबकि नमन धीर ने 17 गेंदों पर 31 रन जोड़े। अंत में नीतीश कुमार रेड्डी ने 13 गेंदों में नाबाद 26 रन बनाकर भारत को आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर जीत दिलाई।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में इस प्रकरण का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें बताया गया कि अश्विन और कार्तिक दोनों ने सूर्यवंशी को तीसरे नंबर पर देखकर नाराजगी जताई और कोच गौतम गंभीर भी इस निर्णय के लिए आलोचना का निशाना बने।
आगे क्या होगा?
यह बहस सिर्फ एक मैच की नहीं है। भारत-न्यूजीलैंड श्रृंखला का तीसरा टी20 मुकाबला वेलिंग्टन में खेला जाएगा, और सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि टीम प्रबंधन सूर्यवंशी को किस पोजीशन पर भेजता है। यदि उन्हें ओपनिंग मिलती है, तो यह कार्तिक और अन्य विशेषज्ञों की बात का समर्थन माना जाएगा। यदि नहीं, तो यह बहस और गहराएगी।
खेल भारतीय समाज का दर्पण है, और इसमें युवाओं को सही अवसर और सही माहौल देने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी भारत के भविष्य हैं, और उनके साथ किया गया हर न्यायपूर्ण फैसला आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगा।
संबंधित सवाल
वैभव सूर्यवंशी को ओपनिंग क्यों नहीं मिली?
टीम प्रबंधन ने उन्हें नंबर-3 पर भेजा, क्योंकि इशान किशन की गैरमौजूदगी के बावजूद टीम की ओपनिंग व्यवस्था बनी रही। मुरली कार्तिक ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि सूर्यवंशी को ओपनिंग मिलनी चाहिए थी।
मुरली कार्तिक ने टीम प्रबंधन पर क्या आरोप लगाए?
कार्तिक ने कहा कि ओपनर को उसकी स्वाभाविक भूमिका से हटाकर मध्यक्रम में भेजना सही नहीं है और अनुभवी खिलाड़ियों को ऐसी स्थिति में अपनी पोजीशन बदलनी चाहिए थी।
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच कैसे जीता?
तिलक वर्मा की नाबाद 51 रनों की पारी और नीतीश कुमार रेड्डी के तेज 26 रनों की मदद से भारत ने 181 रनों का लक्ष्य एक गेंद शेष रहते हासिल कर लिया।
