लखनऊ। राजधानी में एक बार फिर डॉक्टर की रहस्यमयी गुमशुदगी का मामला सामने आया है, जिसने शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। केशव नगर इलाके में रहने वाले डॉ. सत्यरत्न यादव बीते 5 अक्टूबर की सुबह अपनी कार से घर से निकले थे, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। उनकी पत्नी ने मड़ियांव थाने में अपहरण की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कैसे गायब हुए डॉ. सत्यरत्न यादव?
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, डॉ. यादव 5 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपनी मारुति सियाज कार से बिना किसी को बताए घर से निकले थे। परिजनों के मुताबिक, वे पिछले कुछ दिनों से किसी बात को लेकर मानसिक रूप से परेशान भी चल रहे थे। दोपहर करीब ढाई बजे कमता निवासी प्रखर पांडेय नाम का एक युवक अचानक डॉक्टर के घर पहुंचा और परिजनों को बताया कि डॉ. यादव ने उसे फोन करके बताया है कि वे हजरतगंज इलाके में हैं और दो संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ियां लगातार उनका पीछा कर रही हैं।
यह सूचना देने के बाद प्रखर वहां से चला गया। घबराई पत्नी ने जब पति के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की तो फोन लगातार स्विच ऑफ बता रहा था, जिससे चिंता और बढ़ गई।
अज्ञात नंबर से आई ऑडियो रिकॉर्डिंग और किडनैपिंग की धमकी
पीड़िता के अनुसार, शाम करीब छह बजे मामले ने खौफनाक मोड़ ले लिया। उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से ऑडियो रिकॉर्डिंग आई, जिसमें उनके पति की आवाज जैसी आवाज सुनाई दे रही थी। इसके तुरंत बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर कहा कि वह प्रीती नगर थाने से बोल रहा है और उनके पति का अपहरण हो गया है। इतना कहकर कॉल करने वाले ने फोन काट दिया और दोबारा संपर्क करने पर फोन नहीं उठाया।
पत्नी ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रखर पांडेय और उसके साथ ब्रेजा गाड़ी में सवार करीब तीन अज्ञात संदिग्ध लोग उनके घर के आसपास लगातार चक्कर काटते देखे गए हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच में जुटी क्राइम ब्रांच
मड़ियांव पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर प्रखर पांडेय सहित तीन अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ अपहरण की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम को सक्रिय कर दिया गया है।
जांच टीम डॉक्टर के मोबाइल की आखिरी लोकेशन, रास्ते के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और संदिग्ध कॉल करने वाले नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि लापता डॉक्टर की सकुशल बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नागरिक सुरक्षा और समाज की जिम्मेदारी
यह घटना हमें याद दिलाती है कि एक सभ्य समाज की पहचान उसके नागरिकों की सुरक्षा से होती है। जब डॉक्टर जैसे समाज के सेवक स्वयं असुरक्षित महसूस करें, तो यह चिंता का विषय है। हमारी प्राचीन परंपरा में अतिथि देवो भव की भावना रही है, लेकिन आज हमें अपने नागरिकों की सुरक्षा पर भी उतना ही ध्यान देना होगा। उम्मीद है कि पुलिस इस मामले का जल्द से जल्द पटाक्षेप करेगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाएगी।
Photo: Navbharat Times
