पदचिह्नों की अनोखी कहानी: हाथरस के मंदिर में पुजारी हत्याकांड का खुलासा
हाथरस जिले के हनुमान टीला मंदिर में पुजारी दिलीप कुमार उर्फ चंदो लाला की हत्या की गुत्थी पुलिस ने एक अनोखे सुराग के जरिए सुलझा ली है। घटनास्थल पर मिले पदचिह्नों से पता चला कि मुख्य आरोपित दाहिने पैर को उठाकर पंजों के बल चलने का आदी है। इसी खास चाल, चार सौ सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया है। यह गिरोह डाकघर चोरी और बैंक सेंधमारी जैसी अन्य घटनाओं में भी शामिल था।
हत्या के पीछे की योजना क्या थी?
मंदिर में 12 जून से श्रीमद्भागवत कथा प्रस्तावित थी, जिसके लिए चंदा एकत्र किया जा रहा था। आरोपितों को इसकी जानकारी थी और उन्होंने चंदे की रकम चोरी करने की योजना बनाई। रात में वे मंदिर पहुंचे, लेकिन पुजारी की नींद खुल गई और उन्होंने आरोपितों को पहचान लिया। पकड़े जाने के डर से आरोपितों ने ईंट-पत्थर और सरिया से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
पुलिस ने कैसे पाया आरोपितों तक पहुंचने का रास्ता?
शुरुआत में पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था। जांच के दौरान घटनास्थल पर मिले पैर के निशानों से अहम सुराग मिला। एक आरोपित दाहिना पैर उठाकर पंजों के बल चलने का आदी है। इसी खास चाल को पुलिस ने जांच का आधार बनाया। इसके बाद जांच टीमों ने करीब चार सौ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। बाजार, मंदिर, डाकघर, बैंक और प्रमुख मार्गों की रिकॉर्डिंग का फ्रेम-दर-फ्रेम विश्लेषण किया गया। फुटेज में एक संदिग्ध की चाल-ढाल पुलिस को मिले सुराग से मिलती दिखाई दी। इसके बाद अन्य तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपित करन कुमार तक पहुंची। जांच में पैर के निशान उसी के थे।
गिरोह की अन्य घटनाएं क्या थीं?
पूछताछ में सामने आया कि करन और उसके साथियों ने 19-20 जुलाई की रात सहपऊ डाकघर का जंगला तोड़कर अंदर घुसे और एसबीआई की स्वैप मशीन चोरी कर ली। मशीन से नकदी निकालने में असफल रहने पर उसे तोड़ दिया और उसके कुछ पार्ट्स अपने पास रख लिए। 22-23 जुलाई की रात इन्होंने ही केनरा बैंक में सेंधमारी का प्रयास किया। खंडहर के रास्ते छत पर पहुंचकर सब्बल से बैंक की दीवार तोड़ी। दो आरोपित अंदर घुसे, जबकि एक बाहर निगरानी करता रहा।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने करन के साथी सनी उर्फ धांसू को गिरफ्तार किया है। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सरिया, ईंट और चोरी की गई स्वैप मशीन के पार्ट्स बरामद किए हैं। करन के पिता की बैंक के पास पान की दुकान है, जहां से वह बैंक की गतिविधियों पर नजर रखता था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पुजारी की हत्या कब हुई?
हत्या 19-20 जुलाई की रात हुई थी, जब आरोपित मंदिर में चोरी करने आए थे और पुजारी की नींद खुल गई थी।
पुलिस को मुख्य सुराग कैसे मिला?
घटनास्थल पर मिले पदचिह्नों से पता चला कि आरोपित दाहिने पैर को उठाकर पंजों के बल चलता है। इसी खास चाल के आधार पर चार सौ सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई।
गिरोह ने और क्या अपराध किए?
इसी गिरोह ने सहपऊ डाकघर से स्वैप मशीन चोरी और केनरा बैंक में सेंधमारी का प्रयास किया था।