सहारनपुर नकली करेंसी मामला: नेपाल भागने की आशंका, तीन आरोपियों पर लुकआउट नोटिस, जांच एजेंसियां अलर्ट
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 17 करोड़ 29 लाख रुपये की नकली करेंसी मिलने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। आरोपियों के नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस नकली मुद्रा के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।
कौन हैं तीनों आरोपी और क्यों जारी हुआ लुकआउट नोटिस?
पुलिस ने मामले में नामजद रवि, सुशील और अमित के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। ये तीनों पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े हैं। रवि कुमार कांसे वरिष्ठ मंडल प्रबंधक हैं, सुशील कुमार सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट के प्रबंधक हैं और अमित कुमार जगाधरी करेंसी चेस्ट के प्रबंधक हैं। एसआईटी और क्राइम ब्रांच ने तीनों के घरों से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
नेपाल कनेक्शन की आशंका क्यों?
जांच में नेपाल कनेक्शन सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि नकली करेंसी को भारत में खपाने के लिए सीमावर्ती इलाकों का इस्तेमाल किया जा रहा था। एनआईए की टीम भी सहारनपुर पहुंचकर जांच में जुटी है। यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय नकली मुद्रा नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, ऐसी आशंका जताई जा रही है।
कैसे मिली इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी?
6 जुलाई 2026 को सहारनपुर से आरबीआई जयपुर के लिए 111 करोड़ रुपये की करेंसी भेजी गई थी। इस खेप में 500 रुपये के 1900 बंडल और 200 रुपये के 800 बंडल शामिल थे। जब यह करेंसी आरबीआई जयपुर पहुंची तो उसमें नकली नोट मिले। हैरानी की बात यह है कि करेंसी की पैकिंग और भेजने की प्रक्रिया एक पार्ट टाइम हाउसकीपर को सौंपी गई थी। 29 अगस्त को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया।
कितने नकली नोट बाजार तक पहुंचे?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करेंसी चेस्ट से निकलकर कितने नकली नोट बैंक शाखाओं और एटीएम तक पहुंचे। इसका स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आया है। पीएनबी की करेंसी चेस्ट से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के करेंसी चेस्ट सहारनपुर के माध्यम से आरबीआई जयपुर करेंसी भेजी गई थी। जांच एजेंसियां नोटों की गिनती और उनके स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं।
एसएसपी ने क्या कहा?
एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि एसआईटी ने तीनों आरोपियों के घरों से अहम तथ्य बरामद किए हैं। तीनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब इनकी तलाश के साथ-साथ उनके संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।
नकली करेंसी का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: एक गंभीर चिंता
यह मामला सिर्फ एक बैंक तक सीमित नहीं है। नकली भारतीय मुद्रा का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। सहारनपुर की इस घटना ने सीमावर्ती क्षेत्रों में नकली करेंसी की तस्करी के जाल को उजागर किया है। देश की बड़ी जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हैं। यह हमारी सतर्कता और सुरक्षा तंत्र की मजबूती का समय है।
फोटो: दैनिक जागरण (Dainik Jagran)