रानी अवंती बाई लोधी: बलिदान की अमिट गाथा, सीएम योगी ने किया नमन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा के लोकार्पण पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का श्रेय किसी एक व्यक्ति, पार्टी या क्षेत्र को नहीं दिया जा सकता। यह पूरे राष्ट्र का सामूहिक बलिदान है, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी।
1857 के संग्राम में अवंती बाई का अद्वितीय योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1857 की क्रांति की चिंगारी बैरकपुर में मंगल पांडेय ने जलाई, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने उसे प्रज्वलित रखा और मेरठ में धन सिंह गुर्जर ने नेतृत्व किया। इसी श्रृंखला में झांसी और ग्वालियर के बीच संघर्ष का नेतृत्व मात्र 26 वर्ष की आयु में वीरांगना अवंती बाई लोधी ने किया। वे देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख सेनानियों में शामिल थीं।
आदित्यनाथ ने कहा कि अवंती बाई, रानी लक्ष्मीबाई, ऊदा देवी और झलकारी बाई के बलिदान यह सिद्ध करते हैं कि मातृशक्ति किसी से कम नहीं। जब महिलाओं को अवसर मिलते हैं, वे हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं और नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती हैं।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने तीन महिला पीएसी बटालियनों का गठन किया है। लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी और बदायूं में वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर बटालियनें बनाई गई हैं। बदायूं की बटालियन का काम अंतिम चरण में है।
इसके अलावा, 50 हजार बेटियों को महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी देने की योजना शुरू की जा रही है। यह कदम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
सांस्कृतिक विरासत का सम्मान और राजनीतिक संदर्भ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस पीएसी को समाप्त करने का प्रयास किया गया था, उसे पुनर्गठित कर 54 कंपनियों को सक्रिय किया गया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि पीडीए के नाम पर समाज को बांटने वालों ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि तक नहीं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएनआईसी से जुड़े मामले में प्रदेश के खजाने से गया एक-एक पैसा वसूल कर वापस लाया जाएगा। यह कार्यक्रम केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और अन्य गणमान्य नेताओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रानी अवंती बाई लोधी कौन थीं?
रानी अवंती बाई लोधी 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख सेनानी थीं। उन्होंने मात्र 26 वर्ष की आयु में झांसी और ग्वालियर क्षेत्र में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया।
महिला पीएसी बटालियनों के नाम किन वीरांगनाओं पर रखे गए हैं?
लखनऊ की बटालियन का नाम ऊदा देवी, गोरखपुर की बटालियन का नाम झलकारी बाई कोरी और बदायूं की बटालियन का नाम अवंती बाई लोधी के नाम पर रखा गया है।