गुरुग्राम: अतिक्रमण पर बुलडोजर, चंद्रचूड़ सिंह के घर पर भी एक्शन
गुरुग्राम में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ न्याय की कसौटी पर खरा उतरता प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट (डीटीपीई) टीम ने डीएलएफ फेज-3 में अतिक्रमण विरोधी अभियान दोबारा शुरू किया। इस कार्रवाई में फिल्म अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के आवास के बाहर सहित करीब 30 मकानों के अतिक्रमण हटाए गए और अवैध पीजी भवनों को सील किया गया। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि न्याय और कानून के सामने सभी समान हैं, चाहे वह किसी भी प्रभाव का व्यक्ति हो।
राजधर्म और समान न्याय की भारतीय परंपरा
भारतीय राजनीतिक चिंतन में राज्य का सबसे प्रमुख कर्तव्य न्यायपालन और सार्वजनिक हित की रक्षा माना गया है। अशोक के शासनकाल में भी धर्म का अर्थ केवल अनुष्ठान नहीं था, बल्कि वह सामाजिक न्याय और लोककल्याण का पर्याय था। आज गुरुग्राम में सार्वजनिक भूमि पर कब्जों को हटाने का यह अभियान उसी राजधर्म की आधुनिक अभिव्यक्ति है। डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में शुक्रवार को डीएलएफ फेज-3 के एस-ब्लॉक में जो कार्रवाई हुई, वह इस बात की द्योतक है कि कानून का चक्र किसी व्यक्ति की स्थिति देखकर नहीं रुकता।
स्टिल्ट पार्किंग और अवैध निर्माणों पर सख्त एक्शन
इस अभियान के तहत उन भवनों को प्राथमिकता दी गई, जहां स्वीकृत नक्शे के विपरीत स्टिल्ट पार्किंग को कमरों, ड्राइंग रूम और स्टोर में बदल दिया गया था। छोटे जेसीबी का उपयोग करते हुए इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। एस-18/18 स्थित भवन में स्टिल्ट पार्किंग में बने ड्राइंग रूम को तोड़ा गया, जबकि छह सर्वेंट रूम और छत पर बने दो लीजर रूम को सील कर दिया गया। इसी प्रकार सिरिस रोड-16 पर स्टिल्ट पार्किंग में बने कमरों और बाथरूम को पूरी तरह ध्वस्त कर भवन को मूल स्वरूप में लाया गया। व्यावसायिक उपयोग की जा रही संपत्तियों पर भी कड़ा शासन दिखता है। एस-18/1 में 26 कमरों वाले पीजी और एस-19/14 के चार मंजिला भवन में संचालित पीजी को पूरी तरह सील कर दिया गया।
चंद्रचूड़ सिंह के घर के बाहर भी हटाया अतिक्रमण
इस कार्रवाई की सबसे चर्चित पहलू बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के आवास पर रही। लगभग 40 वर्षों से डीएलएफ फेज-3 के एस ब्लॉक में निवास कर रहे चंद्रचूड़ सिंह के घर के बाहर भी राइट आफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। सड़क किनारे पेड़ों के लिए बनाई गई छोटी क्यारी और ईंटों का निर्माण सार्वजनिक स्थान पर कब्जे की श्रेणी में आता था, जिसे बिना किसी विशेषाधिकार के हटाया गया। इसके साथ ही करीब 30 मकानों के बाहर बने गार्डन, गार्ड रूम, लोहे की ग्रिल और चबूतरे भी सार्वजनिक भूमि से हटाए गए।
लोकहित की रक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान
सार्वजनिक संपत्ति का अतिक्रमण मुक्तकरण केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह सामूहिक न्याय की स्थापना का माध्यम है। डीटीपीई अमित मधोलिया ने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। रिहायशी क्षेत्रों में नियमों के विरुद्ध संचालित गतिविधियों और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को है, जहां विभाग अदालत में इस कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
गुरुग्राम में यह अतिक्रमण हटाने का अभियान किसके आदेश पर चलाया गया?
यह अभियान पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना में चलाया गया है, ताकि सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जा सके।
चंद्रचूड़ सिंह के घर से किस प्रकार का अतिक्रमण हटाया गया?
उनके घर के बाहर सड़क किनारे राइट आफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र में पेड़ों के लिए बनाई गई क्यारी और ईंटों का छोटा निर्माण हटाया गया, जो सार्वजनिक भूमि पर कब्जा था।
स्टिल्ट पार्किंग में किन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई?
स्वीकृत भवन योजना के विपरीत स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए अवैध कमरों, ड्राइंग रूम, स्टोर और सर्वेंट रूम को ध्वस्त किया गया या सील किया गया।