सेलिना जेटली का साहस: 15 साल की टूटी शादी की सच्चाई
जीवन में कभी-कभी सबसे कठिन निर्णय ही सबसे आवश्यक होते हैं। अभिनेत्री सेलिना जेटली ने अपनी 15 साल की शादी के टूटने पर मौनव्रत तोड़ते हुए एक गहरी और व्यक्तिगत कहानी साझा की है, जो न केवल उनकी व्यक्तिगत यात्रा को दर्शाती है, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति पर भी प्रकाश डालती है।
चुप्पी से निकलकर सच्चाई की ओर
सेलिना ने पिछले साल नवंबर में मुंबई की अंधेरी कोर्ट में अपने पति पीटर हाग से तलाक के लिए अर्जी दी थी। घरेलू हिंसा और दुर्व्यवहार के आधार पर दायर की गई इस अर्जी ने कई लोगों को चौंकाया था, विशेषकर इसलिए कि सेलिना अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार के साथ खुशी के पल साझा करती थीं।
अपनी हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में सेलिना ने लिखा, "मेरा सबसे बड़ा सबक यह है कि आप किसी को ज्यादा प्यार करके नहीं बदल सकते। प्यार उस चीज को ठीक नहीं कर सकता जो पहले से ही टूटी हुई है।"
प्रेम, पीड़ा और अस्तित्व की गाथा
सेलिना ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उनकी शादी "प्यार, दर्द और सर्वाइवल के खतों में जी गई एक शादी" थी। उन्होंने बताया कि कैसे लेखन उनके लिए अभिव्यक्ति का माध्यम बना जब वे बोल नहीं पाती थीं या उनकी बात नहीं सुनी जाती थी।
प्रारंभ में, उनका लेखन "पति के अहंकार को बढ़ाने, प्रतिबद्धता दिखाने और रिश्ते में आई दरारों को ठीक करने की कोशिश" था। परंतु समय के साथ, उनके पत्र उस सच्चाई को दर्शाने लगे जिसमें वे जी रही थीं।
मौन पीड़ा की अभिव्यक्ति
सेलिना ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रूप से प्रेम प्रदर्शन का अर्थ यह नहीं है कि भीतर दुख नहीं है। उन्होंने कहा, "मेरे प्यार का इजहार सहने और जिंदा रहने की कोशिश थी, न कि दुर्व्यवहार न होने का सबूत।"
उन्होंने आगे समझाया कि कई लोग उम्मीद, डर, जिम्मेदारी और प्रेम की वजह से हिंसक रिश्तों में बने रहते हैं। यह कमजोरी नहीं, बल्कि जीवित रहने की एक रणनीति है।
न्यायिक संघर्ष और अधिकारों की लड़ाई
कानूनी मामलों में, सेलिना के वकील के अनुसार पीटर हाग ने पहले ऑस्ट्रियाई कोर्ट में तलाक की अर्जी दी थी। इस दौरान कथित तौर पर वियना में संपत्ति बिना सेलिना की जानकारी के बेची जा रही थी।
करणजावाला एंड कंपनी द्वारा प्रतिनिधित्व की गई याचिका में सेलिना ने:
- मासिक 10 लाख रुपये भरण-पोषण की मांग
- अपने तीन बच्चों की अभिरक्षा की मांग
- कमाई के नुकसान के लिए 50 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
साहस और सत्य की विजय
सेलिना जेटली की यह कहानी केवल एक व्यक्तिगत संघर्ष नहीं है, बल्कि उन अनगिनत महिलाओं की आवाज है जो मौन में अपनी पीड़ा सहती हैं। उनका साहस दिखाता है कि सत्य को स्वीकार करना और न्याय की मांग करना कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति का प्रतीक है।
2010 में विवाहित हुए इस जोड़े के 2012 में जुड़वां बेटे हुए थे। पांच साल बाद, उन्हें फिर से जुड़वां बच्चे हुए, जिनमें से एक की हृदय संबंधी समस्या के कारण मृत्यु हो गई थी।
सेलिना की यह गाथा हमें सिखाती है कि जीवन में सत्य का सामना करना और न्याय के लिए खड़े होना ही वास्तविक साहस है।