संभल: वेतन त्रुटि पर 7 कर्मचारियों से 40 लाख की वसूली, जानें कारण
संभल जनपद के पंचायती राज विभाग में प्रशासनिक त्रुटि के चलते सात कर्मचारियों से लगभग 40 लाख रुपये की वसूली प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में इन कर्मचारियों को 2400 पे ग्रेड के स्थान पर 2800 पे ग्रेड के अंतर्गत गलत तरीके से एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) का लाभ दे दिया गया था। अब जांच समिति की रिपोर्ट के बाद राजधर्म और न्याय के तहत इस अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जा रही है।
पंचायती राज विभाग में वेतन त्रुटि क्या है?
प्राचीन काल से ही राज्य का धर्म है कि वह अपने कोष की रक्षा करे और प्रशासन में शुद्धता बनाए रखे। सम्राट अशोक के शासनकाल में भी राजकर्मचारियों से पूर्ण ईमानदारी और जवाबदेही की अपेक्षा की जाती थी। आज के संदर्भ में भी, चाहे त्रुटि जानबूझकर हो या अनजाने में, लोककोष की रक्षा सर्वोपरि है।
वर्ष 2020-21 के दौरान संभल के पंचायती राज विभाग में सात कर्मचारियों को 2400 पे ग्रेड के स्थान पर 2800 पे ग्रेड के आधार पर एसीपी स्वीकृत कर दिया गया। यह स्वीकृति तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) जाहिद हुसैन और तत्कालीन पटल सहायक व ग्राम पंचायत अधिकारी अवनीश कुमार की उपस्थिति में दी गई थी। वर्ष 2023 में जाहिद हुसैन का स्थानांतरण रामपुर हो गया, और उसके बाद ही इस प्रशासनिक त्रुटि का पर्दाफाश हुआ।
40 लाख रुपये की रिकवरी किस पर होगी?
शासन की ओर से गलत पे ग्रेड पर दिए गए एसीपी को संशोधित करने और अतिरिक्त भुगतान की रिकवरी के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, तत्कालीन डीपीआरओ स्तर पर भुगतान संशोधित नहीं किया गया और पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। वरिष्ठ कोषाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने लगभग 25 दिन पहले अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी, जिसमें अतिरिक्त धनराशि की वसूली की संस्तुति की गई।
इस जांच रिपोर्ट के आधार पर अब सात कर्मचारियों से करीब 40 लाख रुपये की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वसूली का यह बोझ इस प्रकार बंटा है:
- संभल ब्लाक में तैनात एडीओ पंचायत गुरदयाल सिंह से करीब 13 लाख रुपये
- गुन्नौर में तैनात मोहम्मद फारुख से करीब दो लाख रुपये
- नीरज सिंह से करीब साढ़े चार लाख रुपये
- सुभाष से करीब साढ़े दस लाख रुपये
- कपिल से करीब चार लाख रुपये
- ओमवती से करीब पांच लाख रुपये
- ग्राम पंचायत अधिकारी अजय यादव से करीब 75 हजार रुपये
क्या यह वित्तीय गबन है या प्रशासनिक त्रुटि?
तत्कालीन डीपीआरओ जाहिद हुसैन का कहना है कि यह वित्तीय गबन का मामला नहीं है, बल्कि पे ग्रेड निर्धारण में हुई त्रुटि का मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रकरण केवल संभल तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य जनपदों में भी इस प्रकार के मामले सामने आए हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में एसीपी उपनिदेशक पंचायत, मुरादाबाद के निर्देशों के अनुपालन में स्वीकृत किया गया था। बाद में शासन से संशोधित आदेश आने पर नियमों के तहत संशोधन और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू हुई।
वर्तमान प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी रामाशीष ने बताया कि संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और अतिरिक्त प्राप्त धनराशि की नियमानुसार रिकवरी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होती है, तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी स्तर से भी यह संकेत दिया गया है कि जानबूझकर की गई लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संभल पंचायती राज वेतन त्रुटि: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संभल में 40 लाख की रिकवरी क्यों हो रही है?
सात कर्मचारियों को 2400 पे ग्रेड के स्थान पर 2800 पे ग्रेड पर गलत तरीके से एसीपी का लाभ दे दिए जाने के कारण अब अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जा रही है।
क्या इस मामले में विभागीय कार्रवाई की संभावना है?
हां, मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की जानबूझकर की गई लापरवाही सामने आती है, तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
क्या यह पे ग्रेड त्रुटि केवल संभल में हुई है?
नहीं, तत्कालीन डीपीआरओ जाहिद हुसैन के अनुसार यह पे ग्रेड निर्धारण की त्रुटि अन्य जनपदों में भी सामने आई है, यह केवल संभल विशिष्ट मामला नहीं है।