दुबई के 23 बिजनेसमैन का छात्र आंदोलन से कनेक्शन? संसद में उठा सवाल
राज्यसभा में जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद संजय कुमार झा ने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन को लेकर एक बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने दावा किया कि एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट में दुबई के 23 बिजनेसमैन को प्रदर्शन में भेजे जाने की बात सामने आई थी। इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह देखना जरूरी है कि कहीं बाहरी ताकतों ने छात्रों की भावनाओं का दुरुपयोग तो नहीं किया।
यह मुद्दा तब उठा जब लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा चल रही थी। संजय झा ने कहा कि छात्रों की परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ चिंता पूरी तरह जायज थी, लेकिन अगर आंदोलन में बाहरी लोगों की भूमिका रही है तो उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि NEET पेपर लीक से इन दुबई के बिजनेसमैन का क्या संबंध था और क्या यह आंदोलन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया गया।
खरगे के आरोपों का संसद में जवाब
चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान का जवाब देते हुए संजय झा ने कहा कि पेपर लीक के आरोपी संजीव मुखिया को छोड़ा नहीं गया है। वह आज भी बक्सर सेंट्रल जेल में बंद है और उसके खिलाफ इतने मामले दर्ज हैं कि उसके जल्द बाहर आने की संभावना लगभग नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर गलत जानकारी देकर भ्रम फैलाने से बचना चाहिए।
पेपर लीक: राष्ट्रीय चुनौती, राजनीति से ऊपर उठकर समाधान
संजय झा ने कहा कि यह विधेयक केवल पेपर लीक रोकने का कानून नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं की मेहनत और भविष्य की सुरक्षा का कानून है। प्रश्नपत्र लीक होने पर सिर्फ परीक्षा की गोपनीयता नहीं टूटती, बल्कि युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा भी कमजोर होता है। इसलिए इस विषय को राजनीतिक लाभ-हानि से ऊपर उठकर देखने की जरूरत है।
परीक्षा माफिया पर सख्ती और हाई-पावर्ड टास्क फोर्स
जदयू नेता ने कहा कि परीक्षा माफिया तकनीक, धन और संगठित नेटवर्क के जरिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे अपराधियों के खिलाफ मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाना संसद की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा नंदन निलेकणी की अध्यक्षता में गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का भी जिक्र किया, जिसमें पूर्व इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ समेत कई विशेषज्ञ शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दुबई के 23 बिजनेसमैन का छात्र आंदोलन से क्या संबंध है?
संजय झा ने एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दुबई के 23 बिजनेसमैन को टिकट देकर दिल्ली के छात्र प्रदर्शन में भेजा गया था। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं बाहरी ताकतों ने आंदोलन को प्रभावित करने की कोशिश तो नहीं की।
क्या पेपर लीक के आरोपी संजीव मुखिया को छोड़ा गया है?
नहीं, संजय झा ने स्पष्ट किया कि संजीव मुखिया आज भी बक्सर सेंट्रल जेल में बंद है और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर गलत जानकारी फैलाने से बचने की अपील की।
परीक्षा सुधार के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नंदन निलेकणी की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। इसमें पूर्व इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ समेत कई विशेषज्ञ शामिल हैं।