आगरा में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण, राष्ट्र की अदम्य चेतना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगरा के शमसाबाद में महाराणा प्रताप की 14 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महाराणा के शौर्य और त्याग को भारतीय सभ्यता की अविरल धारा बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार प्रताप की सेना में सभी पंथ और जाति के लोग थे, आज का भारत भी उसी एकता की चेतना से अपनी सीमाओं की रक्षा कर रहा है और आंतरिक एकता को मजबूत कर रहा है।
महलों का त्याग और पत्थरों की नींद: धर्म के लिए किया गया सर्वोच्च त्याग
शमसाबाद के प्रवेश द्वार पर स्थापित इस भव्य प्रतिमा का अनावरण करते हुए रक्षा मंत्री ने जनता के सामने शीश झुकाया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप चाहते तो मुगल सम्राट अकबर के साथ समझौता कर लेते और महलों में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकते थे। किंतु उन्होंने सुविधाओं का त्याग किया और पहाड़ों की खुरदरी चट्टानों को अपना शय्या बनाया। यह भारतीय इतिहास का वह अनुपम पृष्ठ है, जहां व्यक्तिगत सुखों पर राष्ट्र और धर्म को वरीयता दी गई। प्रताप का यही संकल्प आज भारत की रक्षा नीति का आधार है।
अखंडता और एकता: साम्प्रदायिकता से रहित भारत की परंपरा
किसान-जवान स्वाभिमान रैली के मंच से रक्षा मंत्री ने एक बहुत ही सटीक ऐतिहासिक संदर्भ दिया। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप की सेना में सभी धर्मों के लोग शामिल थे। यह भारत की उस प्राचीन परंपरा की गवाही है, जहां राष्ट्रभक्ति का धर्म से कोई लेना देना नहीं था। आज भी भारत उसी सबका साथ, सबका विकास की भावना से आगे बढ़ रहा है। देश में जाति और धर्म की राजनीति करने वालों को समझना चाहिए कि भारत की सभ्यता हमेशा से ही विविधता में एकता का पोषण करती रही है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात आज पूरी दुनिया गंभीरता से सुनती है, जो राष्ट्र की बढ़ी हुई हैसियत का प्रमाण है।
सीमा की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा: राज्य का परम धर्म
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले आतंकवादियों के मारे जाने पर भी कुछ लोग आंसू बहाते थे, लेकिन आज भारत ने अपने जवानों को खुली आजादी दी है। आतंकवादियों का सफाया होना चाहिए, चाहे उन्हें सीमा पार जाना पड़े। पाकिस्तान की नापाक हरकतों के जवाब में सिंधु जल समझौते को सस्पेंड करना इस बात का उद्घोष है कि भारत अब किसी समझौते पर नहीं चलेगा। हमारा पानी और दाना पानी पाकिस्तान को नहीं मिलेगा।
आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने नक्सलवाद के खात्मे का उल्लेख किया। बारह वर्ष पहले तक नक्सलवाद एक बड़ी चुनौती था, जिसमें हजारों पुलिस जवानों ने बलिदान दिया। आज इस खतरे का खात्मा हो चुका है। इसी प्रकार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना और राम लला के मंदिर का निर्माण इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान सरकार झूठे वादे करके नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए कार्य कर रही है। हम तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करते, बल्कि न्याय और शांति के मार्ग पर चलते हैं। उत्तर प्रदेश में गुंडे-माफिया का खात्मा भी इसी न्यायप्रिय दृष्टि का हिस्सा है।
किसानों का सम्मान: न्याय की अपेक्षा
रैली के दौरान आलू के गिरते रेट को लेकर किसानों ने अपनी वेदन व्यक्त की। रक्षा मंत्री ने इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाते हुए आश्वासन दिया कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर विचार-विमर्श करेंगे। किसान और जवान दोनों ही राष्ट्र के आधार स्तंभ हैं, और उनके सम्मान की रक्षा करना राज्य का पवित्र कर्तव्य है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पंचायती राज राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौय, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण क्यों महत्वपूर्ण है?
आगरा में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किसने किया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगरा के शमसाबाद स्थित प्रवेश द्वार पर महाराणा प्रताप की 14 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया।
महाराणा प्रताप की सेना को रक्षा मंत्री ने किस संदर्भ में याद किया?
रक्षा मंत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप की सेना में सभी धर्मों के लोग शामिल थे। इसका उल्लेख करके उन्होंने भारत की प्राचीन परंपरा को रेखांकित किया, जिसमें राष्ट्रभक्ति के लिए सभी समुदायों का एकजुट होना शामिल है।
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के संदर्भ में क्या स्पष्ट किया?
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की नापाक हरकतों के कारण भारत ने सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर दिया है। भारत का पानी और दाना पानी अब पाकिस्तान को नहीं मिलेगा।