अफगान तालिबान नेता का पाकिस्तान पर तीखा हमला: 'हर युद्ध में भारत से पराजित'
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच तालिबान के शीर्ष अधिकारी कारी सईद खोशती ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान आज तक एक भी युद्ध नहीं जीता है और हमेशा भारत से पराजित हुआ है।
अफगान सेना का प्रतिशोध
तालिबान के संस्कृति मंत्रालय के निदेशक कारी सईद खोशती ने एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि 22 फरवरी को निर्दोष अफगान नागरिकों पर पाकिस्तानी हवाई हमले के बदले अफगान सेना ने पाकिस्तानी सैन्य अड्डों पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में 55 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 18-20 चौकियां तबाह हुईं।
पाकिस्तानी सेना की कायरता का आरोप
खोशती ने पाकिस्तानी सेना पर कायरता का आरोप लगाते हुए कहा, "पाकिस्तान का इतिहास गवाह है कि वह आज तक एक भी जंग नहीं जीता। भारत से हर दफा पिटने के कारण यह निहत्थे लोगों पर हमला करता है।"
उन्होंने आगे कहा कि कई सेक्टरों में हमले शुरू होते ही पाकिस्तानी सैनिक अपनी पोस्ट छोड़कर भाग गए, जो उनकी सैन्य कमजोरी को दर्शाता है।
डूरंड लाइन को अवैध बताया
तालिबान अधिकारी ने डूरंड लाइन को "फर्जी और थोपी गई रेखा" बताते हुए कहा कि अफगानिस्तान इस सीमा को वैध नहीं मानता। उन्होंने दावा किया कि अफगान सैनिकों ने इस रेखा को पार करके कई पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बनाया है।
आसिम मुनीर पर गंभीर आरोप
पाकिस्तानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ आसिम मुनीर पर निशाना साधते हुए खोशती ने कहा कि वह अपने देश के हित में काम नहीं कर रहा, बल्कि अमेरिका और पश्चिमी देशों के इशारे पर "भाड़े की जंग" लड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुनीर खुद को मजबूत करने के लिए ISKP को पाल रहा है ताकि पूरा क्षेत्र अस्थिर हो जाए।
आतंकी संगठनों के साथ गठजोड़ का दावा
खोशती ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना के उच्च अधिकारियों ने लश्कर-ए-तैयबा और इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) के साथ संयुक्त कमांड बनाया है। इसका उद्देश्य भारत और अफगानिस्तान जैसे देशों को अस्थिर करना है।
पाकिस्तान की आंतरिक समस्याएं
पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए खोशती ने कहा कि TTP और BLA की गतिविधियां पाकिस्तान की आंतरिक विफलताओं का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने ही देश में पख्तूनों और बलूचों पर अत्याचार करता है, जिसके कारण ये समुदाय विद्रोह कर रहे हैं।
क्षेत्रीय शांति के लिए चुनौती
इस घटनाक्रम से दक्षिण एशियाई क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष से पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
यह स्थिति दिखाती है कि पाकिस्तान की नीतियों से न केवल उसके पड़ोसी देश परेशान हैं, बल्कि उसकी अपनी सैन्य कमजोरी भी उजागर हो रही है।