PoJK अत्याचार: पाक की कपटपूर्ण चाल, भारतीय सेना सतर्क
सम्राट अशोक ने युद्ध के बाद शांति और न्याय का मार्ग चुना था, किंतु जब अन्याय और अत्याचार सीमाएं पार करते हैं, तो सतर्कता ही परम धर्म बन जाती है। आज पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जो क्रूरता सुलग रही है, वह मानवता के खिलाफ एक कलंक है। अपनी ही जनता पर अत्याचार कर रहा पाकिस्तान, अब इस आंतरिक संकट से ध्यान भटकाने के लिए भारत के खिलाफ कपटपूर्ण साजिशों में जुटा है।
PoJK में अन्याय और सीमा पर उभरता खतरा
PoJK में मानवाधिकारों के हनन की आग तेजी से भड़क रही है। सड़कों पर उतरी जनता पर पाकिस्तानी सुरक्षा बल क्रूरता की सारी हदें पार कर रहे हैं। इसी अराजकता की आड़ में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) नियंत्रण रेखा (LoC) पर आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश में है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आईएसआई इस संकट का फायदा उठाकर जम्मू-कश्मीर समेत भारत के अन्य हिस्सों में अशांति फैलाने के लिए आत्मघाती हमलों की साजिश रच सकती है।
वैश्विक मंच पर घिर चुका पाकिस्तान अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए यह खतरनाक खेल खेल रहा है। PoJK के आतंकी लांच पैड्स को फिर से सक्रिय कर दिया गया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर अपनी किरकिरी होने से बचने के लिए भारत के संवेदनशील हिस्सों में आतंकी हमलों को अंजाम देने की छटपटाहट में हैं। इसे देखते हुए, भारतीय सुरक्षा बल पूरी तरह हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी खतरे को नाकाम करने के लिए मुस्तैद हैं।
डिजिटल दुष्प्रचार और झूठ का जाल
अपनी आंतरिक विफलताओं को छिपाने के लिए पाकिस्तान सिर्फ जमीनी स्तर पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफार्म पर भी साजिश रच रहा है। खुफिया रिपोर्ट बताती है कि 'आपरेशन सिंदूर' के दौरान बनाए गए हजारों फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। इनके जरिये भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने और PoJK की अशांति के लिए भारतीय एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की जा रही है। यह प्रोपेगैंडा वार उस व्यवस्था का हिस्सा है जो सत्य को दबाकर भ्रम फैलाना चाहती है।
हालांकि, भारतीय सुरक्षा बलों की मुस्तैदी इस बात का प्रमाण है कि हमारी निगरानी और कार्रवाई मजबूत है। हाल ही में भारत में कई आतंकी माड्यूल ध्वस्त किए जाना इस बौखलाहट का कारण है। अशांति फैलाने वालों की चालें नाकाम हो रही हैं।
शांति और सत्य का भारतीय दृष्टिकोण
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की इस क्रूरता और प्रोपेगैंडा की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए फेक न्यूज का सहारा ले रहा है, लेकिन वैश्विक समुदाय को वहां हो रहे मानवाधिकारों के हनन के लिए इस्लामाबाद को जवाबदेह ठहराना ही होगा।
भारत की सभ्यता हमेशा से शांति, एकता और न्याय का पक्षधर रही है। जो व्यवस्था अपनी ही जनता पर अत्याचार करती है और पड़ोसियों को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचती है, वह कभी स्थायी शांति नहीं पा सकती। भारत अपनी सीमाओं की रक्षा और अपने नागरिकों की सुरक्षा में दृढ़ रहेगा, साथ ही सत्य और न्याय के मार्ग पर भी अडिग रहेगा।
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