नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। जियो प्लेटफॉर्म का आईपीओ शेयर बाजार में जोर-शोर से चल रहा है और निवेशकों के सामने आवेदन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर, शुक्रवार है। कंपनी ने इस आईपीओ में चार कैटेगरी बनाई हैं और सही कैटेगरी में आवेदन करने पर शेयर अलॉटमेंट की संभावना बढ़ जाती है। पहले ही दिन यह आईपीओ तीन गुना सब्सक्राइब हो चुका था।
News18 India की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने सामान्य रिटेल के अलावा गैर संस्थागत निवेशकों, रिलायंस के शेयरधारकों और समूह के कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कोटा रखा है। योग्यता पूरी करने वाले निवेशकों को तरजीही आवंटन मिलेगा।
शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा कोटा
जियो प्लेटफॉर्म ने सबसे बड़ी हिस्सेदारी शेयरधारकों को दी है। पूरे आईपीओ में से 250 करोड़ रुपये के शेयर इस कैटेगरी के लिए आरक्षित हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों को आईपीओ के लिए डेडिकेटेड रूट दिया गया है।
जिन निवेशकों के पास 14 अक्टूबर से पहले आरआईएल के शेयर थे, उन्हें इस कैटेगरी में आवेदन की छूट मिली है। कंपनी ने 13 अक्टूबर तक टी-1 सेटलमेंट साइकिल के तहत आरआईएल के शेयर खरीदने की शर्त रखी है। इस कैटेगरी में अधिकतम 2 लाख रुपये के शेयर खरीदे जा सकते हैं। अलॉटमेंट की कोई गारंटी नहीं है, पर इस रास्ते से शेयर मिलना आसान हो जाता है।
कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये का कोटा
आईपीओ में कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयरों का कोटा रखा गया है। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, जियो प्लेटफॉर्म और जियो प्लेटफॉर्म की सहायक कंपनियों के कर्मचारी दांव लगा सकते हैं। इस कैटेगरी में अधिकतम 5 लाख रुपये का निवेश संभव है।
कंपनी ने साफ किया है कि सूची में शामिल कर्मचारी ही इस कोटे में आवेदन कर सकते हैं। रिलायंस समूह की अन्य कंपनियों के कर्मचारियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। योग्य कर्मचारी अपनी स्थिति सत्यापित कराकर निश्चित फॉर्मेट में आवेदन कर सकते हैं।
रिटेल कैटेगरी: सबके लिए खुला द्वार
यह आईपीओ की सबसे खुली कैटेगरी है, क्योंकि इसमें कोई भी निवेशक दांव लगा सकता है। इसमें अधिकतम 2 लाख रुपये तक का आवेदन किया जा सकता है। पर यहां छोटे निवेशकों को ही शामिल किया गया है और आवंटन सामान्य रूट से होगा, इसलिए अलॉटमेंट का चांस कम रहता है।
रिटेल कैटेगरी में कोटे वाले निवेशक, जैसे शेयरधारक और कर्मचारी, भी दांव लगा सकते हैं। CNBC Awaaz की रिपोर्ट में भी इस बात का विश्लेषण मिलता है कि रिटेल की तुलना में शेयरधारक या कर्मचारी कोटे से आवेदन अधिक फायदेमंद हो सकता है।
गैर संस्थागत निवेशकों के लिए क्या नियम है?
जो निवेशक 2 लाख रुपये से अधिक का निवेश करना चाहते हैं, उन्हें गैर संस्थागत निवेशक वाली कैटेगरी में आवेदन करना होगा। पर जो निवेशक पहले से रिटेल कैटेगरी में दांव लगा चुके हैं, उन्हें इस रास्ते से निवेश की छूट नहीं मिलेगी। Moneycontrol Hindi ने भी समझाया है कि रिटेल, एनआईआई और क्यूआईबी कैटेगरी के अलावा जियो के आईपीओ में कई अलग-अलग कोटे मौजूद हैं।
एक से ज्यादा कैटेगरी में दांव लगा सकते हैं?
जियो प्लेटफॉर्म ने स्पष्ट किया है कि एक से ज्यादा कैटेगरी में निवेश किया जा सकता है। आरआईएल के शेयरधारक अपने कोटे के अतिरिक्त रिटेल कैटेगरी में भी दांव लगा सकते हैं। रिलायंस के कर्मचारियों को भी अपने कोटे के साथ रिटेल में निवेश का मौका मिला है।
एक बात का ध्यान रखना जरूरी है: एक ही पैन के जरिए कई आवेदन किए जाएं तो उन्हें अस्वीकार किया जा सकता है। आवंटन शेयरों की उपलब्धता और सिस्टम के जरिए ही होगा, कोई भी कैटेगरी इसकी गारंटी नहीं देती।
सावधानी और संतुलन: निवेश का शाश्वत सिद्धांत
भारत की निवेश परंपरा में संतुलन को हमेशा महत्व दिया गया है। चाणक्य ने भी धन के प्रबंधन में विवेक को सर्वोपरि बताया था। आज का निवेशक भी यही सिद्धांत अपनाए, तो बाजार की उतार-चढ़ाव में स्थिर रह सकता है। आईपीओ में जोश के साथ जोखिम समझकर ही कदम बढ़ाना समझदारी है। Goodreturns की रिपोर्ट भी यही सलाह देती है कि अपनी योग्यता और बजट के अनुसार ही कैटेगरी चुनें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जियो प्लेटफॉर्म आईपीओ में आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
आवेदन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर, शुक्रवार है।
रिलायंस के शेयरधारकों के लिए कितना कोटा आरक्षित है?
शेयरधारकों के लिए 250 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित हैं और इस कैटेगरी में अधिकतम 2 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है।
क्या एक से ज्यादा कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं?
हां, कंपनी ने शर्तों के साथ एक से ज्यादा कैटेगरी में निवेश की अनुमति दी है, पर एक ही पैन से कई आवेदन अस्वीकार हो सकते हैं।
रिटेल कैटेगरी में अधिकतम कितनी राशि लगा सकते हैं?
रिटेल कैटेगरी में अधिकतम 2 लाख रुपये तक का आवेदन किया जा सकता है।
