दिशा सालियान मामला: उद्धव ठाकरे का सवाल, चरित्र हनन बनाम न्याय की राह
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की मौत के मामले में सीबीआई की एफआईआर में अपने बेटे आदित्य ठाकरे का नाम आने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। संभाजीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि उनके परिवार का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा?
ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि अगर उनके परिवार के खिलाफ चल रहा 'चरित्र हनन' का अभियान नहीं रुका तो वे कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा, 'यह घटना दुखद थी, लेकिन हमें इसमें क्यों घसीटा जा रहा है? हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरी तरह से राजनीतिक मकसद से प्रेरित है।'
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'मुझे हैरानी है कि इस मामले में मोदी और ट्रंप के नाम क्यों नहीं हैं।' यह टिप्पणी उनके उस दर्द को दर्शाती है जो उन्हें लगता है कि उनके परिवार को बिना सबूत निशाना बनाया जा रहा है।
आदित्य ठाकरे का बयान
इससे पहले बुधवार को उनके बेटे और विधायक आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा था, 'मैं कभी दिशा सालियान से नहीं मिला और न ही उन्हें जानता था। यह छह साल से चल रहा एक जानबूझकर और बिना सबूत वाला चरित्र हनन अभियान है।'
मामला क्या है?
दिशा सालियान बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक थीं। 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक आवासीय इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था। एक सप्ताह बाद 14 जून 2020 को राजपूत अपने बांद्रा स्थित आवास में मृत पाए गए थे।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने दो सितंबर को सालियान की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने बिना किसी आरोपी का नाम लिए मामला दर्ज किया।
न्याय की राह और राजनीति का सवाल
यह मामला भारतीय न्याय व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाता है: क्या किसी की मौत की जांच राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल की जानी चाहिए? सम्राट अशोक के शासनकाल में न्याय को सर्वोपरि माना जाता था। आज भी हमारे देश में न्याय की यही परंपरा कायम रहनी चाहिए।
जांच एजेंसियों को अपना काम करना चाहिए, लेकिन बिना सबूत किसी का चरित्र हनन करना न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। यह मामला चाहे जिस दिशा में जाए, यह उम्मीद की जानी चाहिए कि सच्चाई सामने आएगी और न्याय की जीत होगी।