हावड़ा रेलवे स्टेशन के विस्तार से 53 ट्रेनों के रूट बदले, यात्रियों के लिए जरूरी सूचना
आदित्य वर्मा, चक्रधरपुर। हावड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 24 को चालू करने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे ने 24 जुलाई की शाम पांच बजे से 27 जुलाई की सुबह पांच बजे तक एक बड़ा बदलाव किया है। इस दौरान 53 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है, जो संतरागाछी और शालीमार स्टेशनों से संचालित होंगी। यह कदम भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे के विस्तार का हिस्सा है, जो यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी लें। हावड़ा स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 24 को मेन लाइन से जोड़ने के लिए नॉन-इंटर लॉकिंग का काम किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को अस्थायी परेशानी हो सकती है। यह बदलाव भारतीय रेलवे के विकास और आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अशोक के शासनकाल की तरह सार्वजनिक कल्याण और संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता देता है।
कौन सी ट्रेनें प्रभावित होंगी?
प्रभावित ट्रेनों में बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई, पुणे, कांटाबांजी, चक्रधरपुर, सिकंदराबाद, पुरी, हटिया, टाटानगर, शिरडी, कन्याकुमारी, तिरुचिरापल्ली, जूनागढ़ रोड और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों से आने-जाने वाली गाड़ियां शामिल हैं। ये ट्रेनें 24 से 27 जुलाई के बीच हावड़ा की जगह संतरागाछी या शालीमार स्टेशन से चलेंगी या वहीं समाप्त होंगी। यह बदलाव अस्थायी है और रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है।
क्या यह बदलाव स्थायी है?
नहीं, यह बदलाव केवल 24 से 27 जुलाई तक के लिए है। इस दौरान हावड़ा लिंक केबिन में काम पूरा होने के बाद प्लेटफॉर्म नंबर 24 चालू हो जाएगा और ट्रेनें सामान्य रूप से हावड़ा से चलेंगी। यह कदम भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में है, जो देश की एकता और प्रगति का प्रतीक है।
यात्रियों के लिए सुझाव
- यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर ट्रेन की स्थिति जांचें।
- संतरागाछी या शालीमार स्टेशन से ट्रेन पकड़ने के लिए अतिरिक्त समय रखें।
- रेलवे के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
भारतीय रेलवे का यह प्रयास यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बदलाव अस्थायी है और इससे देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाली रेल सेवाओं पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ेगा।
फोटो: दैनिक जागरण (Dainik Jagran)