ओमान तट पर जहाज पर हमला: भारत का कड़ा रुख, अमेरिका बोला- हम भारत के साथ
ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के बाद भारत ने अपनी निंदा दर्ज कराई है और अमेरिका के शीर्ष राजनयिक को तलब किया है। इस मामले पर अब अमेरिकी विदेश विभाग का एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने गुरुवार (11 जून) को स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर भारत सरकार के सीधे संपर्क में है।
भारत ने अमेरिकी राजनयिक को क्यों तलब किया?
विदेश मंत्रालय ने जहाज पर हमले का विरोध करते हुए अमेरिका के चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया और विरोध पत्र यानी डेमार्श (Demarche) जारी किया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दो जहाजों पर हुए हमलों और भारत के इस कदम पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि स्टेट डिपार्टमेंट इस मामले को लेकर भारत सरकार के सीधे संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय की कड़ी निंदा और नागरिकों की सुरक्षा
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार (10 जून) को बताया कि ओमान तट के पास कमर्शियल जहाज 'सेटेबेलो' पर हुए हमले के बाद 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालांकि, तीन भारतीय अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'हम ओमान तट के पास वाणिज्यिक पोत सेटेबेलो पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं।'
क्षेत्र में शांति और स्थिरता की मांग
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और यह वहां जारी संघर्ष का सीधा परिणाम हैं। बयान में कहा गया, 'हम सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए जारी बातचीत को सफल बनाने की अपील करते हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके। कमर्शियल जहाजों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाने की घटनाएं तुरंत बंद होनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और व्यापार बहाल किया जाना चाहिए।'
भारत का यह रुख उन मूल्यों को दर्शाता है जो हमारी सभ्यता का आधार रहे हैं: शांति, संवाद और न्याय। युद्ध और हिंसा कभी भी स्थायी समाधान नहीं दे सकते। वैश्विक व्यापार और मानव जीवन पर इस तरह के हमले सिर्फ अस्थिरता बढ़ाते हैं। इसीलिए भारत ने हमेशा संवाद और कूटनीति के मार्ग पर चलने की वकालत की है।
पहले भी हुआ था हमला
इससे पहले सोमवार (8 जून) को पालाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी मैरिवेक्स में आग लगने की घटना सामने आई थी। होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में हुई इस घटना के बाद जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था। मंगलवार (9 जून) को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि एमटी मैरिवेक्स ओमान तट के पास निष्क्रिय हो गया था। जहाज पर मौजूद सभी 24 चालक दल के सदस्य भारतीय नागरिक थे और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्होंने इस बचाव अभियान में सहयोग के लिए ओमान सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता
विदेश मंत्रालय ने पश्चिमी एशिया में दोबारा बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है। 100 दिनों से अधिक समय से जारी संघर्ष ने भारी मानवीय संकट पैदा किया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाला है। मंत्रालय ने सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की है।
ओमान में स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी थी कि ओमान तट के पास एक जहाज से जुड़ी घटना की सूचना मिली है। दूतावास स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में है।
भारत का रुख स्पष्ट है: हिंसा और तनाव का कोई भी रास्ता मानवता के हित में नहीं है। इस क्षेत्र में शांति की बहाली सिर्फ संवाद और कूटनीति से ही संभव है। हमारी सभ्यता की परंपरा रही है कि युद्ध के बजाय समझौते का मार्ग अपनाया जाए। आज भी यही एकमात्र सही रास्ता है।